नवागत पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी की हनक तो जिले में दिख रही है, लेकिन कुछ पुलिसवालों की मिलीभगत से द्वाबा में पशुतस्करी पर कोई खास असर नहीं दिख रहा है। रात की बात तो दूर दिन के उजाले में भी अब पशु तस्करी हो रही है। इसको लेकर लोगों में पुलिस प्रशासन के विरुद्ध नाराजगी है।
वर्षों से द्वाबा क्षेत्र के नौरंगा, शिवपुर घाट, गोपालनगर दियर, जयप्रभा सेतु, सिन्हा घाट आदि जगहों से पशुओं की हत्या के लिए बिहार के रास्ते बंगाल भेजने का धंधा धड़ल्ले से होता रहा है। पशुतस्कर क्षेत्र से पशुओं को औने-पौने दामों पर खरीदकर महंगे दाम पर बिहार और बंगाल बेचते हैं। क्षेत्र के रामजकुमार यादव, अशोक कुमार सिंह, मनोज कुमार ओझा, धर्मेंद्र सिंह, प्रवीण सिंह, विनीत कुमार सिंह आदि का कहना है कि नवागत पुलिस अधीक्षक के आने के बाद उम्मीद थी कि पशुतस्करी बंद हो जाएगी।
पशुतस्करी में कुछ कमी जरूर आई है। बावजूद पुलिस कोई न कोई जुगत लगा पशुतस्करों को बढ़ावा दे रही है। फलस्वरूप पुलिस अधिकारियों के पशुतस्करी पर रोक के निर्देश के बावजूद मार्ग और साधन बदलकर पशुओं को बिहार और बंगाल भेज जा रहा है। उन्होंने नवागत पुलिस अधीक्षक से मामले में हस्तक्षेप कर पशुतस्करी पर रोक लगाने की मांग की है।
इस बाबत सीओ त्रयंबक नाथ दुबे ने बताया कि पशुतस्करी का कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं है। वैसे पुलिस पशुतस्करी को रोकने को लेकर पूरी तरह से दृढ संकल्पित है। बावजूद यदि ऐसी कोई शिकायत मिलती है, तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।