बलिया। पूजा समितियां पंडालों को भव्य रूप देने में जुटी हैं। कहीं वैष्णो देवी तो कहीं श्री जगन्नाथ धाम मंदिर के दर्शन कराने की तैयारी है। कहीं इलेक्ट्रॉनिक मूर्ति स्थापित करने की तैयारी है।
नवरात्र नजदीक आते ही शहर व आसपास के क्षेत्रों में दुर्गा पूजा की तैयारियां तेज हो गई हैं। शहर के अंदर लगभग 15 से अधिक जगहों पर मां दुर्गा का भव्य पंडाल बनाया जाता है। इसमें गांधीनगर, आर्यसमाज रोड, कासिम बाजार, लोहा पट्टी, गड़हा मोहल्ला, गुदरी बाजार आदि स्थलों पर तैयारी तेज हो गई है। गांधी नगर में भगवान श्री जगन्नाथ धाम मंदिर के दर्शन होंगे। दूसरी ओर मूर्तिकार मां दुर्गा समेत अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
गड़वार के कुरेजी में मूर्तिकार अमिलेश व बिरन ने बताया कि दो माह पहले से ही मूर्ति बनाने का कार्य शुरू हो गया था। सामान्य तौर पर 40 से 50 हजार रुपये तक की प्रतिमाओं के ऑर्डर मिलते हैं। इसके अलावा दस हजार रुपये से कम कीमत की छोटी प्रतिमाएं भी तैयार की जाती हैं। एक प्रतिमा तैयार करने में लागत और मजदूरी निकालने के बाद करीब 10 से 12 हजार रुपये तक की बचत हो जाती है।
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पंडितपुरा में 11 से 21 तक होंगे धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन
हल्दी। पंडित देवाराम बाबा सेवा समिति पंडितपुरा इस वर्ष भी धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करेगी। ये कार्यक्रम 11 से 21 अक्तूबर तक सीताकुंड में होंगे। प्रवचन, नाइट प्रो कबड्डी प्रतियोगिता, रामायण नाटक और देवी जागरण प्रमुख आकर्षण होंगे। इंद्रप्रस्थ दिल्ली से अरुण देव महाराज 11 से 20 अक्तूबर तक प्रतिदिन प्रवचन करेंगे। 17 अक्तूबर की रात नाइट प्रो कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन होगा। 18 अक्तूबर को युवा कलाकार ‘छलकते आंसू उर्फ सुखा गुलशन’ रामायण नाटक का मंचन करेंगे। 19 और 20 अक्तूबर को कुंभकर्ण, मेघनाथ और रावण वध की रामलीला होगी। 21 अक्तूबर को उत्तम सिंह आरा, अंकित पाठक नगवा समेत कई कलाकार देवी जागरण में भजन प्रस्तुत करेंगे। समिति अध्यक्ष छोटक पांडेय ने बताया कि तैयारियां तेज कर दी गई हैं। पंडित देवाराम बाबा सेवा समिति की स्थापना वर्ष 1980 में हुई थी।
मूर्तियों के निर्माण में प्राकृतिक मिट्टी के प्रयोग का निर्देश
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अनिल कुमार ने निर्देश जारी किए है कि मूर्तियों के निर्माण में प्लास्टर आफ पेरिस का कतई प्रयोग न किए जाए। इसके स्थान पर प्राकृतिक मिट्टी का प्रयोग किया जाए, जिससे प्रदूषण पर बुरा असर न पड़े। इस संबंध में उन्होंने सभी नगर निकायों को पत्र जारी किया है।
हल्दी क्षेत्र के पंडितपुरा गांव में दुर्गा पूजा के लिए पंडाल बनाते कारीगर।संवाद