फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रधान के विरोध के कारण कटान पीड़ित नहीं कर सके जमीन पर कब्जा

विज्ञापन
विज्ञापन
जयप्रकाश नगर। विकास खंड मुरली छपरा क्षेत्र के ग्राम पंचायत इब्राहिमाबाद नौबरार (अठगांवा) के कटान पीड़ितों के मंसूबे पर उस समय पानी फिर गया जब ऐन मौके पर पहुंचकर चांद दियर के ग्राम प्रधान ने अपने ग्राम सभा के नवीन परती की जमीन पर आशियाना बनाने से मना कर दिया। जबकि कांग्रेस नेता विनोद सिंह की अगुवाई में वह खाली जमीन पर कब्जा करने के लिए पहुंचे थे।
विज्ञापन

प्रधान विनोद कुमार यादव का कहना है कि हमारे जानकारी में है कि तहसील प्रशासन की त्रुटिवश उक्त जमीन नई परती के नाम से अंकित है जबकि यह जमीन वास्तव में रेलवे विभाग की है। ऐसे में मैं अपने ग्राम सभा को जानबूझ कर जंग का अखाड़ा क्यों बनने दूं।
बता दें कि कांग्रेस नेता विनोद सिंह के नेतृत्व में इब्राहिमाबाद नौबरार के कटान पीड़ितों ने ऐलान किया था कि हमें सरकार बसाए या न बसाए हम लोग सरकार की खाली पड़ी नवीन परती जमीन पर साफ सफाई कर अपना छप्पर हर हाल में डालेंगे। शुक्रवार को दर्जनों की संख्या में बाढ़ विस्थापित हाथों में कुदाल, रंभा, खुरपा, रस्सी, तिरपाल आदि सामान लेकर सरकार विरोधी नारेबाजी करत हुए चांद दियर चौराहा पर पहुंच गये। कांग्रेस नेता विनोद सिंह भी अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंचकर बाढ़ व कटान विस्थापितों के साथ कार्यक्रम की रूप रेखा तय करने लगे। इसी बीच सूचना पर गांव के प्रधान विनोद यादव भी अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए।
विज्ञापन

दोनों पक्षो के बीच काफी देर तक बहस होती रही। चांद दियर के प्रधान अपनी बात पर अड़े रहे। उनका कहना था कि तहसील प्रशासन नई परती जमीन पर अगर चिह्नित भी कर देती है तो भी हम यहां नहीं बसने देंगे। ऐसा होने से हमारे ग्राम सभा में विवाद उत्पन्न होगा और यह स्थिति हम पैदा नहीं होने देंगे।
अंत में कांग्रेस नेता सिंह व बाढ़ विस्थापितों के बीच तय हुआ कि श्री सिंह शनिवार को पुन: जिलाधिकारी से मिलकर बाढ़ विस्थापितों की समस्या से अवगत कराएंगे। इसमें सार्थक परिणाम निकलता है तो ठीक है नहीं तो फिर बाढ़ विस्थापितों द्वारा श्री सिंह के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय पर अनिश्चित कालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
सूचना के बावजूद नहीं पहुंचा तहसील प्रशासन
जयप्रकाश नगर। बाढ़ व कटान विस्थापितों द्वारा पूर्व नियोजित कार्यक्रम की जानकारी दिए जाने के बाद भी तहसील प्रशासन का वहां न पहुंचना चर्चा का विषय रहा। क्षेत्रीय लोगों का कहना था कि अगर चांद दियर के प्रधान द्वारा उक्त भूमि को लेकर हस्तक्षेप नहीं किया गया होता तो बाढ़ विस्थापित नवीन परती की खाली पड़ी जमीन में अपना आशियाना डालकर एक नया विवाद को जन्म देते।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें