क्रय केंद्रों पर धान की बिक्री के लिए किसानों के मोबाइल का ओटीपी परेशानी का सबब बन चुका है। जिन किसानों के आधार का मोबाइल नंबर लिंक नहीं है वह अपना पंजीकरण नहीं कर पा रहे हैं।
सरकारी धान क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण कराना है। इसके बाद लेखपाल के सत्यापन के बाद धान किसान बेच सकते हैं। लेकिन पंजीकरण करते समय आधार कार्ड के साथ लिंक मोबाइल नंबर पर ही ओटीपी जाने की व्यवस्था है। लेकिन कई किसान ऐसे भी हैं जिनका आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर या तो बदल गया है या भूल गए हैं। इसके चलते ओटीपी के अभाव में उनका पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। किसानों का कहना है कि गेहूं विक्रय के समय भी हम किसानों को परेशान होना पड़ा था। सरकार द्वारा 30 क्विंटल प्रति किसान से खरीद की व्यवस्था लागू कर दी गई थी। इसके चलते पंजीकरण के बावजूद क्रय केंद्रों पर खरीद नहीं होने से कई किसानों को अपना गेहूं वापस ले जाना पड़ा था। किसानों का आरोप है कि अब खरीफ के समय धान खरीद न हो इसके लिए आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नम्बर को जरिया बना दिया गया है। इस बाबत विपणन निरीक्षक प्रदीप जायसवाल ने बताया कि 10 किसानों से 480 क्विंटल 52 किलो धान खरीद कर लिया गया है। पहले आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर ही ओटीपी जा रहा था लेकिन किसानों की असुविधाओं को ध्यान रखते हुए अब अगर लिंक मोबाइल नम्बर नहीं है तो पंजीकरण के समय आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नम्बर के जगह दूसरा मोबाइल नंबर भी दिया जा सकता है। उस मोबाइल नंबर पर ओटीपी जाएगा और उक्त किसान का पंजीकरण हो जाएगा।