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Ballia News: निजी जमीन पर बना दी नाली और रास्ता, 5 साल से गुहार लगा रहे 83 साल के बुजुर्ग

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बांसडीह तहसील परिसर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पर लगी फरियादियों की कतार। संवाद - फोटो : थाना फरिहा क्षेत्र के नगला फतेह- कौरारी मार्ग पर हादसे के बाद खड़ा क्षतिग्रस्त ऑटो। संवाद
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बांसडीह। तहसील सभागार में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस पर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह और पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने 100 से ज्यादा लोगों की फरियाद सुनी। इनमें से सिर्फ सात आवेदन पत्रों का निपटारा मौके पर हो सका।
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इसमें मिश्रवालिया निवासी 83 वर्ष के पृथ्वी नाथ मिश्र ने बताया कि मेरी जमीन पर कुछ लोगों ने रास्ता और नाली बना लिया है।
वह पांच साल से तहसील और थाने का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि उन्हें अब न्याय मिलने की उम्मीद कम लग रही है।
सारंगापुर निवासी मोतीचंद कनौजिया ने बताया कि उन्होंने 5 साल पहले जमीन की रजिस्ट्री कराई थी। 3 साल तक आपत्ति भी लड़ी। नाम चढ़ने के बाद से लगभग डेढ़ वर्ष से पैमाइश के लिए तहसील के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी तरह से शिवपुर निवासी इंद्रदेव राजभर ने बताया कि 13–14 वर्ष पूर्व खरीदी गई जमीन की पैमाइश के लिए 10–11 वर्षों से तहसील के चक्कर काट रहे हैं। लेखपाल और कानूनगो बार-बार समय देकर टाल देते हैं।
हुसैनाबाद निवासी राजा गोंड ने बताया कि उनके परिवार का अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र पहले जारी हो चुका है, लेकिन अब तहसीलदार की ओर से ओबीसी (भड़भूजा) बताया जा रहा है। ऑनलाइन आवेदन भी लेखपाल की ओर से निरस्त कर दिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत करने पर उन्हें धमकाया जाता है और कई महीनों से वे परेशान हैं। ऐसी कई समस्याएं तहसील में दिनभर गूंजती रही। कई फरियादियों ने बताया कि तहसील और थाने के चक्कर लगाने के बाद भी उनकी समस्याएं बनी हुई हैं।
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सर्वाधिक शिकायतें पेंशन, राशन कार्ड, अवैध भूमि कब्जा, जमीनों की वरासत, पैमाइश और भूमि विवाद से संबंधित थीं। जिलाधिकारी ने लेखपालों और कानूनगो को भूमि विवाद के मामलों का तत्काल और निष्पक्ष निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निपटारे में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। एसडीएम बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी और तहसीलदार नितिन कुमार सिंह भी उपस्थित रहे।
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