बलिया। उप्र दस्तावेज लेखक एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने रजिस्ट्री कार्यालय को बंद कर शनिवार को एक दिवसीय धरना दिया। धरना सभा में दस्तावेज लेखकों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की।
धरना सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि रजिस्ट्री आफिस को फ्रंट आफिस का नाम देना और निजीकरण करने से देस्तावेज लेखक बेरोजगार होने के साथ ही उनकी रोजी-रोटी पर संकट मंडराने लगेगा। रजिस्ट्री कार्यालय का निजीकरण होने के चलते लाखों परिवारों के सामने का जीविकोपार्जन की समस्या आ जाएगी। धरना सभा में दस्तावेज लेखकों ने मांग किया कि हम लोगों के अधिकार के विरुद्ध फ्रंट आफिस खोलने का प्रस्ताव वापस लिया जाए। जिससे हम लोगों के परिवारों का भरण-पोषण हो सके। धरना सभा में अभय श्रीवास्तव, अशोक गुप्ता, ओमजी श्रीवास्तव, राकेश श्रीवास्तव, मनु सिंह, लालबाबू, विनोद चौबे, प्रेमशंकर गुप्ता, दीनानाथ ओझा आदि रहे।
बैरिया : उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निबंधन मित्र भर्ती 2025 की घोषणा किए जाने के विरोध में बैरिया तहसील के दस्तावेज लेखकों ने उपनिबंधन कार्यालय के सामने शनिवार को धरना प्रदर्शन किया। निबंध मित्र की नियुक्ति की फरमान वापस लेने के लिए आवाज बुलंद किया गया। दस्तावेज लेखकों ने बताया कि सरकार के द्वारा इस भर्ती के तहत निबंधन मित्रों को संपत्ति के कागजात और रजिस्ट्री से संबंधित दस्तावेज बनाने का काम सौंपा जाएगा। यूपी सरकार ने इस भर्ती के लिए प्रदेश में 20 हजार पदों की घोषणा की है। ऐसे में दस्तावेज लेखकों के रोजगार रोजगार पर खतरा मंडराने लगा है।धरना सभा में कपिलदेव राम,प्रदीप कुमार लाल,जयराम यादव,अजय कुमार वर्मा,मुन्ना सिंह,अंजनी कुमार आदि दर्जनों दस्तावेज लेखक उपस्थित रहे।
बांसडीह: दस्तावेज लेखक संघ की तहसील इकाई के अध्यक्ष शैलेश सिंह के नेतृत्व में शनिवार को शासन द्वारा नए नियमों को लागू करने के विरोध में तहसील परिसर में धरना दिया गया। शैलेश कुमार सिंह ने कहा कि शासन द्वारा रजिस्ट्री कार्यालय को निजीकरण करने के विरोध में दस्तावेज लेखक एकदिवसीय सांकेतिक धरने पर बैठे हैं। शासन को इस फैसले को वापस लेना पड़ेगा अन्यथा की स्थिति में हम लोग सड़क पर आकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर दीनदयाल यादव, देश दीपक श्रीवास्तव, सुभाष यादव, विश्वनाथ सिंह, अरविंद लाल श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।