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सामान्य लक्षण वाले को ना भेजे अस्पताल, बढ़ रहा लोड

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बलिया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. बीपी सिंह ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के गाइडलाइन के अनुसार आइसोलेशन वार्ड में उसी संदिग्ध कोरोना मरीज को भर्ती किया जाएगा जो विदेश से आया हो और 14 दिन के अंदर उसे सूखी खांसी, छींक, शरीर दर्द, कमजोरी, तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ हो।
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अगर किसी व्यक्ति को सूखी खांसी व छींक हो तो वह वायु-प्रदूषण से होना माना जाएगा। इसके अलावा अगर किसी को खांसी, बलगम, छींक, नाक बहती हो तो उसे साधारण जुकाम का रोगी माना जाएगा। जबकि खांसी, बलगम, छींक, बहती नाक, शरीर दर्द, कमजोरी व हल्के बुखार वाले व्यक्ति को फ्लू रोगी माना जाएगा। उन्होंने बताया कि इस समय मौसम बदलने से सर्दी जुकाम का सीजन चल रहा है। उन्होंने सीएचसी, पीएचसी के साथ ही अन्य डाक्टरों से अनुरोध किया की ऐसे मरीजों को वहीं से दवा देकर घर लौटा दें। यदि किसी मरीज के अंदर सूखी खांसी, छींक, शरीर दर्द, कमजोरी, तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ हो तो उसे ही जिला अस्पताल भेजें। देखा जा रहा है कि जिला अस्पताल में खांसी, जुकाम व बुखार के मरीज को ग्रामीण क्षेत्र के डाक्टर कोरोना की बात कह कर भेज दे रहे हैं। जिसके कारण अस्पताल पर काफी लोड बढ़ रहा है। उन्होंने लोगों से कोरोना से डरने के बजाय सतर्कता व सावधानी बरतने का अनुरोध किया।
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ऐसे पहचाने बीमारी का लक्षण-
वायु प्रदूषण - सूखी खांसी, छींक
साधारण जुकाम: खांसी, बलगम, छींक, नाक बहना
फ्लू - खांसी, बलगम, छींक, नाक बहन, शरीर दर्द, कमजोरी, हल्का बुखार
कोरोना - सूखी खांसी, छींक, शरीर दर्द, कमजोरी, तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ
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