शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में उस समय भगदड़ की स्थिति बन गई, जब छात्रों की नारेबाजी से नाराज डीएम ने डंडा उठा लिया। डीएम दफ्तर पर नारेबाजी कर रहे छात्रों को डीएम ने डंडा पटकर भगा दिया।
टाउन पालीटेक्निक के छात्र छात्रवृत्ति के लिए आंदोलित हैं। छात्रवृत्ति के लिए शुक्रवार को पालीटेक्निक चौराहे के पास सड़क जाम किया था। वहां पर एसडीएम और सीओ के आश्वासन पर छात्रों ने जाम समाप्त किया।
इसके बाद डीएम ने छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया था। इस दौरान डीएम कार्यालय पहुंचे छात्र नारेबाजी करने लगे। इसपर वह भड़क गए।
टाउन पालीटेक्निक के छात्र काफी दिनों से छात्रवृत्ति की मांग कर रहे थे। बार-बार संबंधित अधिकारियों के आश्वासन पर नाराज हो गए। इस पर छात्रों ने सतीशचंद्र कालेज के पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष अरुण सिंह
और पालीटेक्निक के छात्र पांजल पांडेय के नेतृत्व में चक्काजाम कर दिया। चक्का जाम की सूचना पर एसडीएम बच्चा लाल मौर्य और सीओ सिटी डीपी सिंह पहुंचे। छात्रों को समझाबुझाकर जाम समाप्त कराया।
साथ ही छात्रों के एक प्रतिनिधि मंडल को वार्ता के लिए डीएम यशवंत राव ने अंदर बुलाया। पालीटेकिभनक कालेज के छात्रों का नेतृत्व कर रहे छात्रनेता अरुण कुमार के साथ पांच छात्र डीएम से वार्ता के लिए अंदर गए।
इसी बीच जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्र नारा लगाने लगे। तभी गुस्साए डीएम डंडा लेकर बाहर निकल गए और डंडा पटकते ही छात्र भागने लगे।
इस दौरान कलेक्ट्रेट में कुछ देर के लिए भगदड़ मच गई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने छात्रों को कलेक्ट्रेट परिसर से बाहर कर दिया। उधर देर से पहुंचने के कारण डीएम यशवंत राव ने कोतवाल अजय राय को भी खरीखोटी सुनाई।
छात्र डीएम कार्यालय से खदेड़े जाने के बाद विकास भवन पहुंच गए, वहां छात्र समाज कल्याण अधिकारी से मिले। समाज कल्याण अधिकारी ने छात्रों के खाते में छात्रवृत्ति का पैसा नहीं पहुंचने का कारण आईएफएससी कोड में गड़बड़ी बताया। आश्वासन दिया कि जल्द गड़बड़ी दुरुस्त कर छात्रवृत्ति खातों में भेज दी जाएगी।
इस मौके पर गौरव सिंह, आनंद कुमार सिंह, प्रणव पांडेय, विशाल पांडेय, विवेक यादव, विशाल पांडेय, गोलू सिंह, शुभम सागर आदि रहे।