बलिया। कोरोना काल में स्वास्थ्य विभाग में बड़ा खेल सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग के भंडार गृह में निम्न गुणवत्ता की दवाएं व सामान होने की शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी अदिति सिंह के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण वर्मा द्वारा पांच सदस्यीय टीम का गठन कर जांच कराई गई। जांच में अनियमितता मिलने पर जिलाधिकारी ने दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं ठेकेदारों पर कार्रवाई करने का निर्देश सीएमओ को दिया है। सीएमओ ने स्टोर कीपर का प्रभार दूसरे कर्मचारी को देते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए निदेशक (प्रशासन), चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा को भी पत्र भेजा है।
कोविड-19 नियंत्रण से संबंधित आवश्यक सामग्री जैसे मॉस्क, सैनिटाइजर, थ्री लेयर मॉस्क, ग्लब्स, संक्रमित मरीजों की दवा किट आदि के सम्बन्ध में यह शिकायत डीएम को मिली थी कि उच्चाधिकारियों के समक्ष अच्छे गुणवत्ता की उपरोक्त सामग्री प्रस्तुत की जाती है एवं सीएचसी-पीएचसी व अन्य स्तर पर निम्न स्तर की सामग्री भेजी जाती है। मामले की जांच के लिए डीएम के निर्देश पर सीडीओ ने पांच सदस्यीय कमेटी गठित की। कमेटी में डिप्टी कलेक्टर सीमा पांडेय, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी राजीव यादव, ड्रग इंस्पेक्टर मोहित कुमार दीप, सहायक अभियंता लघु सिंचाई श्याम सुंदर यादव व शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ सिद्धार्थमणि दूबे थे। कमेटी ने मंगलवार भंडार गृह एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। यह पाया कि स्टॉक रजिस्टर पर चार मई तक ही अंकन किया गया है। निरीक्षण के दौरान स्टॉक पंजिका पर चार प्रकार के सैनिटाइजर वेस्ट केयर, माई बॉडी केयर, यू-मेड कंपनी तथा तीन प्रकार के मॉस्क, हैंड ग्लब्स (एक मेडीशील्ड कम्पनी का व एक बिना ब्रांड का) एवं तापमापी यंत्र (एम्प्रोव सिंगल प्वाइंट लेजर कम्पनी) का अंकन पाया गया। जबकि, स्थलीय सत्यापन के दौरान मौके पर स्वीस हर्बल हैंड सैनिटाइजर, कोरोफे सेफ प्लस हैंड सैनिटाइजर व इची साइन कंपनी के हैंड सैनिटाइजर 100 एमएल के पाए गए। सर्जिकल मॉस्क की भी गुणवत्ता ठीक नहीं पाई गई। हैंड ग्लब्स दो प्रकार के मिले, जिसमें एक मेडीशील्ड का, जबकि दूसरा बिना ब्रांड का मिला। तापमापी यंत्र भी स्टॉक पंजिका से इतर इन्फ्रा इंडिया, माइक्रोटेक, आईक्यूरा कंपनी का पाया गया। उक्त के सम्बन्ध में जेम पोर्टल से क्रय के सापेक्ष इतर सामग्री मौके पर पाए जाने पर भंडार लिपिक द्वारा कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया। जांच समिति द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुबहड़ का स्थलीय निरीक्षण करने पर पाया गया कि वहां पर अत्यंत निम्न गुणवत्ता का मॉस्क तथा कोरोफे सेफ प्लस ब्रांड का सैनिटाइजर 120 है। जांच समिति द्वारा स्थलीय जांच में शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाई गई कि जेम पोर्टल से क्रय सामग्री एवं स्थलीय जांच में पाई गई सामग्री से इतर तथा क्रय आदेश एवं भंडार पंजिका पर अंकन के विपरीत दूसरे कंपनी की निम्न गुणवत्ता की सामग्री है। जिलाधिकारी ने सीएमओ को निर्देश दिया कि जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों एवं ठेकेदारों पर कठोर कारवाई करते हुए रिकवरी की कार्रवाई सुनिश्चित कराएं। जिलाधिकारी की ओर से मिले निर्देश के बाद सीएमओ डॉ राजेंद्र प्रसाद ने स्टोर कीपर पारसनाथ राम को सीएमओ कार्यालय से सम्बद्ध करते हुए ड्रग वेयर हाउस में तैनात फार्मासिस्ट अशोक कुमार सिंह को भंडार गृह के स्टोर कीपर का चार्ज दे दिया है। इसके साथ ही स्टोर कीपर के खिलाफ कार्रवाई के लिए निदेशक (प्रशासन), चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा, लखनऊ को पत्र भेज दिया गया है।