बलिया। दिव्यांगता के कारण स्कूल जाकर पढ़ने में असमर्थ बच्चों को घर पर ही शिक्षा दी जाएगी। इसके लिए स्पेशल एजुकेटर्स एवं फिजियोथेरेपिस्ट उन्हें घर जाकर पढ़ाएंगे। इनकी पढ़ाई अगस्त माह के अंतिम सप्ताह से आरंभ होगी।
जिले में दिव्यांग बच्चों को शिक्षा का ज्ञान देकर आत्मनिर्भर बनाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी हो गया है। उनके घर पर जाकर पढ़ाया जाएगा। होम बेस्ड एजुकेशन से उन सभी दिव्यांग बच्चों को लाभ होगा, जो विद्यालय तक आने में दिव्यांगता के कारण असमर्थ है। इन बच्चों के लिए ऐसा लर्निंग मटेरियल यानी शैक्षणिक सामग्री खरीदी जाएगी, जो उन्हें पढ़ाने में सहायक होगी। इन्हें पढ़ाने के लिए नियुक्त स्पेशल एजुकेटर्स तथा फिजियोथेरेपिस्ट पढ़ाएंगे। इसमें एक बच्चे पर 3500 रुपए प्रति खर्च किया जाएगा। इसका बजट भी जारी हो गया है। विभाग ने जिला समन्वयक को निर्देश दिए कि वह स्पेशल एजुकेटर से लिस्ट प्राप्त कर समिति को प्रस्तुत करें. सहायक सामग्री खरीद के लिए बीएसए की अध्यक्षता में चार सदस्यों की एक समिति बनेगी। जेम पोर्टल से ही दिव्यांग बच्चों के लर्निंग मटेरियल की खरीद होगी। इन्हें पढ़ाने के शिक्षण कार्य अगस्त माह के अंतिम सप्ताह से शुरू किया जाएगा।
हाउस होल्ड सर्वे के अनुसार जनपद में 90 दिव्यांग बच्चे चिन्हित किए गए, जो कि शिक्षण के लिए स्कूलों में पहुंचने में असमर्थ है। उन्हें स्पेशल शिक्षक घर जाकर ही पढ़ाने का काम करेंगे।
-ओपी सिंह, डीसी, दिव्यांग कल्याण, बेसिक शिक्षा विभाग