बलिया। जनपद के वार्ड नंबर 36 के अनुसूचित जाति के जिला पंचायत सदस्य को अगवा करने का आरोप एक वरिष्ठ नेता पर लगाया गया। बताया जा रहा है कि जिपं सदस्य के पुत्र ने इसके लिए रसड़ा कोतवाली में तहरीर भी दी। हालांकि शनिवार को जिपं सदस्य के वापस लौटने पर तहरीर वापस ले ली गई। वहीं, पुलिस इस मामले में तहरीर मिलने से इंकार कर रही है।
जिपं सदस्य रामनाथ को अगवा करने का आरोप एक वरिष्ठ नेता पर लगाया गया था। तहरीर में कहा गया था कि घूमने का बहाना बनाने उन्हें अगवा कर लिया गया है। पुत्र ने रसड़ा कोतवाली में तहरीर भी दे दी थी। उधर, 10 दिन बाद शनिवार को जिपंस घर वापस लौट आया। इसके बाद उसके पुत्र ने तहरीर वापस ले लिया। पुत्र का आरोप है कि जिला पंचायत सदस्य का मोबाइल छीनकर परिजनों से बात करने से मना कर दिया गया था। परिजनों व रसड़ा प़ुलिस के प्रयास से 10 दिन बाद घर वापस लौट सके हैं। वहीं, कोतवाल नागेश उपाध्याय का कहना है कि जिपं सदस्य कल ही लौट आया था। मामले में उन्हें कोई तहरीर नहीं मिली थी।
बीडीसी सदस्य ने पति को अगवा करने का आरोप लगाया
बलिया। विकास खंड सोहांव के ब्लाक प्रमुख पद के प्रत्याशी पर चितबड़ागांव थाना के नसीरपुरकला की अनुसूचित जाति की महिला बीडीसी सदस्य ने अपने पति को बाजार से अगवा करने का आरोप लगाया है। बीडीसी मानती देवी का आरोप है कि उसे भी वोट के लिए ब्लाक प्रमुख पद के प्रत्याशी जबरिया उठाना चाहते हैं। इनके भय के कारण वह अपने बहन के घर आई है। इस बाबत चितबड़ागांव थाना प्रभारी राकेश सिंह ने बताया कि यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर महिला तहरीर देती है तो त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
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