बांसडीह (बलिया)। विभिन्न मांगों और पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट बांसडीह कोतवाली क्षेत्र निवासी धनजी वर्मा रविवार की भोर करीब तीन बजे दूसरी बार मोबाइल टावर पर चढ़ गया।
उसने टावर से वीडियो जारी कर पुलिस प्रशासन पर शिकायतों के बावजूद समय से कार्रवाई नहीं करने और कथित तौर पर गलत रिपोर्ट लगाने का आरोप लगाया। वहीं नगर पंचायत अध्यक्ष से बातचीत और आश्वासन मिलने पर करीब 14 घंटे बाद युवक टावर से उतरा।
इससे पहले धनजी बैनर और दर्जनों पर्चियां झोले में लेकर तीन बजे सुबह ही टावर के शिखर पर बैठा गया। सुबह होने पर वह नीचे पर्चियां फेंककर अपनी मांगों और आरोपों से प्रशासन को अवगत कराता रहा।
पर्चियों में उसने कहा कि उसकी रंजिश पुलिस विभाग से नहीं, बल्कि शिकायतों को दबाने और निष्पक्ष जांच नहीं करने की कार्यप्रणाली से है।
उसका आरोप है कि एक मामले में करीब दो वर्ष बाद प्राथमिकी दर्ज की गई। प्राथमिकी दर्ज हुए लगभग दो माह बीतने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी और कथित चोरी अथवा विवादित सामान की बरामदगी नहीं हुई है। उसने सीओ और थाना स्तर से तैयार पुरानी रिपोर्टों की उच्चस्तरीय जांच की मांग भी रखी।
बांसडीह कोतवाल राकेश सिंह ने कई बार फोन पर बातचीत कर उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी मांगों पर अड़ा रहा। स्थिति को देखते हुए शाम करीब तीन बजे कोतवाल ने बांसडीह नगर पंचायत अध्यक्ष सुनील सिंह से हस्तक्षेप का अनुरोध किया। अध्यक्ष ने फोन पर धनजी से बातचीत कर निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया। करीब 14 घंटे बाद शाम 3:45 बजे धनजी सुरक्षित नीचे उतर आया। कोतवाल ने कहा कि परिवारिक विवाद में एक ही मामले में कई बार कार्रवाई की मांग कर रह है, समझाने बुझाने के बावजूद उसकी आदत में सुधार नहीं हो रहा है।