बलिया। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। इसमें विकास कार्यों से लेकर अन्य विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई। सीएमओ के अनुपस्थित रहने पर सांसद, मंत्री और विधायक ने आपत्ति जताई और स्पष्टीकरण मांगने को कहा।
खेल मंत्री उपेंद्र तिवारी ने कहा कि बैठक के लिए मंत्री लखनऊ से आते हैं, ऐसे में सीएमओ का गायब रहना बड़ी लापरवाही है। सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने जिलाधिकारी से कहा कि सीएमओ को चेतावनी दें। यह भी कहा कि स्वास्थ्य विभाग की अलग से समीक्षा बैठक 20 जनवरी को की जाए जिसमें सभी अस्पतालों के प्रभारियों को मौजूद रहने का निर्देश दिया जाए। पेंशन सत्यापन में बीडीओ स्तर से लापरवाही पर कहा कि पेंशन के 42 आवेदन लंबित रहना आपत्तिजनक हैं। उन्होंने अपेक्षित धान खरीद नहीं होने पर डिप्टी आरएमओ की जमकर क्लास लगाई।
कहा कि पिछले वर्ष जहां क्रय केंद्र खोले गए वहां इस बार नहीं खोलने से किसानों को दिक्कत हुई। गडहांचल में कई क्षेत्र में किसान को 20 से 25 किमी दूर तक जाना पड़ रहा है। मंत्री ने धान खरीददारी की जांच किसी उच्च प्रशासनिक अधिकारी से कराने के साथ आगे बेहतर खरीददारी सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। कहा कि ऐसी शिकायत मिली है कि पंचायत विभाग में सफाईकर्मी प्रदीप शर्मा पूरे जनपद के खातों में धन भेजने से संबंधी कार्य कर रहा है। डीपीआरओ ने सफाईकर्मी के पास कंप्यूटर ज्ञान का हवाला देते हुए बचाव किया। मंत्री ने सफाईकर्मी प्रदीप शर्मा को गांव में तैनात करने का निर्देश दिया। उन्होंने ओडीएफ घोषित करने पर सवाल करते हुए डीपीआरओ से पूछताछ की। सख्त लहजे में कहा कि सचिवों की कार्यशैली पर नजर रखें। ग्राम सभा की सूची लें और हर वंचित लाभार्थी को धन भिजवाएं।
महीने दिन बाद अगर शौचालय नहीं बनता है तो वह सूची थाने पर दे दें।
राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने निर्देश दिया कि 21 दिन के अंदर कुल लाभान्वित किए गए किसानों की सूचना दें। सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को को तीन महीने के भीतर लाभ नहीं मिला तो जवाबदेही तय होगी। कहा कि नेशनल हाई-वे पर माझी पुल खतरनाक स्थिति में है। पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया कि उस पर तत्काल बड़े वाहन बन्द कर दिए जाएं। स्पष्ट किया कि अगर कोई खतरा हुआ तो बड़ी दिक्कत बढ़ जाएगी। पुल के पास लोहे का बैरियर लगा दिया जाए।
बैठक में जल निगम की समीक्षा के दौरान विभागीय निर्माण कार्यों की प्रगति पर भी जनप्रतिनिधियों ने कड़ी आपत्ति जताई। शहर में सीवरेज से लेकर ग्राम पंचायतों में पानी टंकी निर्माण की खराब स्थिति पर चिंता जताई। जल निगम की सारी परियोजनाओं की वर्तमान हकीकत और गुणवत्ता जानने के लिए टेक्निकल जांच समिति बनाने का निर्देश दिया गया।
बैठक में राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला, विधायक बेल्थरा धनंजय कन्नौजिया, नपा चेयरमैन अजय कुमार, ब्लॉक प्रमुख दुबहड़ गुड्डू राय के अलावा सीडीओ बद्रीनाथ सिंह, डीएफओ श्रद्धा, एसडीएम सदर अश्विनी श्रीवास्तव, एसडीएम बाँसडीह दुष्यंत मौर्य, बीएसए शिवनारायण सिंह, उप निदेशक कृषि इंद्राज समेत अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
अनियमितता की जांच के लिए कमेटी गठित
विधायक सुरेन्द्र सिंह ने शतिकायत की कि पीएमजीएसवाई योजना के तहत दयाछपरा से नौरंगा की तरफ बनने वाली सड़क का 2.44 करोड़ पेमेंट हो गया, जबकि सड़क पर उतना काम हुआ ही नहीं। सम्बंधित अधिशासी अभियंता ने बाढ़ में सड़क के बाद जाने की बात कही। सांसद मस्त ने पूछा कि ठेकेदार या अन्य जिम्मेदार पर क्या कार्रवाई हुई। इस कार्य के लिए एक जांच समिति गठित कर 15 दिन में रिपोर्ट देने के साथ दोषी से रिकवरी कराने का आदेश दिया। मौके पर ही एसडीएम बैरिया व दो अन्य विभाग के इंजीनियरों की टीम भी बना दी गई।
बिजली विभाग की अलग से होगी समीक्षा
दिशा की बैठक की शुरुआत में ही पिछली बैठक की कार्यवृति पर चर्चा हुई और अनुपालन की समीक्षा की गई। बिजली विभाग की स्थिति सबसे खराब मिली, जिस पर जिलाधिकारी से अलग से बिजली विभाग की एक समीक्षा बैठक करने को कहा। 20 जनवरी को बैठक निर्धारित की गई।
विधायक सुरेन्द्र सिंह ने सवाल किया कि जब बिजली विभाग के चार खण्ड है तो सभी खण्ड के कार्यालय जिला मुख्यालय पर ही क्यों है। ये अपने क्षेत्र में होना चाहिए। सांसद मस्त ने निर्देश दिया कि एक हप्ते के अंदर चारों क्षेत्र में कार्यालय बनाकर समिति के सदस्यों को अवगत कराया जाए। सांसद ने विधायक निधि का धन बिजली विभाग द्वारा लेने पर भी सवाल किया।
गंगा यात्रा व स्वास्थ्य मेला की जानकारी
डीएम श्रीहरि प्रताप शाही ने गंगा यात्रा के पूरे रोडमैप की जानकारी सभी जनप्रतिनिधियों से साझा की। कहा, जेपीनगर में एक बड़ी सभा होगी। वहां से निकलने वाली इस यात्रा के बीच में जगह-जगह स्वागत सभा होगी। स्थानीय स्तर पर सम्मानित जनप्रतिनिधियों के अलावा नई दिल्ली से भी अतिथि रहेंगे। बताया कि स्वास्थ्य मेला के लिए 12 लाख धन आया है।