कार्तिक एकादशी के अवसर पर मंगलवार को गंगा तट पर स्नान करते श्रद्धालु।
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कार्तिक मास के एकादशी पर्व पर जिले के लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। इस दौरान गंगा नदी के किनारे कीनाराम बाबा गंगा घाट पर काशी के विद्वान पंडितों द्वारा भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। गंगा तट पर आयोजित महाआरती का आगाज भजन संध्या से शुरू हुआ। जिसमें पूर्वांचल के विख्यात भजन सम्राट विष्णु ओझा ने गणेश वंदना प्रस्तुत की। जिसमें एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत कर भजन गायक ने समां बांधा। भजन सुकनर श्रद्धालु भक्तों ने जमकर तालियां बजाई। इसके बाद गुरु शिष्य परंपरा का निर्वहन करते हुए उनके शिष्य रसिक बाबा ने अपने गुरु की आज्ञा के क्रम में एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत किए। रसिक बाबा के साथ आए कलाकारों ने अपने कला की भव्य प्रस्तुति की। प्रस्तुति सुनने के दौरान कब भोर हो गई इसका पता ही नहीं चल सका। सुबह पांच बजे गंगा महाआरती का शुभारंभ संत शिरोमणि ओड़िया बाबा गोपाल दास महाराज द्वारा कराया गया। इस मौके पर नगर विधायक आनंद स्वरुप शुक्ल ने गंगा पूजन कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
महाआरती के लिए काशी एवं बंगाल से आए कलाकारों ने नमामि शंकर के भजन प्रस्तुत किया। इसके उपरांत विद्वान पंडितों ने मां गंगा की महाआरती प्रस्तुत की। जिस पर श्रद्घालु भाव विभोर हो गए। गंगा भक्त रामदल सेवा संस्थान द्वारा गंगा आरती के लिए महावीर घाट से गंगा तट तक प्रकाश की व्यवस्था के साथ श्रद्घालुओं को रहने एवं उनके लिए भंडारा के साथ चाय की व्यवस्था की थी। गंगा नदी के किनारे बांस-बल्ली लगाकर स्नान के लिए उपर्युक्त स्थान बनाया गया था। कार्यक्रम में मुख्य रुप से रमेश गुप्ता, परशुराम, नागेंद्र प्रताप श्रीवास्तव, रमाकांत, मदन, अंबिका यादव, अजीत कुमार दूबे, मोती चौरसिया, सोना देवी, अनिल कुमार गुप्त, मुन्ना राय आदि लोग कार्यक्रम को सफल बनाने में लगे रहे। संचालन निर्मल कुमार उपाध्याय ने किया। ाउधर, गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य हासिल करने के लिए श्रद्ध्ालुओं का रेला घाट पर उमड़ पड़ा। लोगों ने मां गंगा के जयकारों के बीच पवित्र डुबकी लगा अपने को धन्य किया।