लालगंज। खाद्य सुरक्षा अधिनियम उत्तर प्रदेश में लागू हुए लगभग एक साल से ऊपर हो गया और आज तक इस योजना का लाभ किसको दिया जाय यही निश्चित नहीं हो सका। इसके लिए गांवों से लेकर शहरों में कई बार लोगों से कभी पहचान पत्र तो कभी आधार कार्ड तो कभी पूरे परिवार का ग्रुप फोटो की मांग होती रही है। पर इसका परिणाम वही ढाक के तीन पात ही होता है। कई वर्षों से इसकी प्रक्रिया चल रही है, पर राशन कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। अब तो राशन कार्ड बनाने के लिए लोगों से आधार कार्ड बनाने वाली इस सरकार से भरोसा उठ सा गया है।
खाद्य सुरक्षा अधिनियम पिछले साल एक जुलाई से सरकार के दबाव में पूरे प्रदेश में आनन फानन में लागू कर दी गई थी। इसके लिए एक बार पात्र गृहस्थी के नाम पर इंटरनेट पर सूची भी डाल दी गई। उसी को आधार बनाकर राशन बांटने का काम शुरू कर दिया गया। लेकिन बाद में पता चला कि सूची में लापरवाही बरती गई है। बाद में सुधार के नाम पर कइयों का नाम काट दिया गया। विकास खंड मुरली छपरा में राशन कार्ड बनाने को लेकर कई लोगों द्वारा ब्लाक कर्मियों को कागज देने से मना कर दिए हैं । इस संदर्भ में उप जिलाधिकारी बैरिया राधेश्याम पाठक का कहना है कि राशनकार्ड बनाने की प्रक्रिया चल रही है, बहुत ही जल्द इस प्रक्रिया के पूरा होते ही सभी पात्र लोगों को राशन कार्ड दे दिया जाएगा।