बलिया। रेलवे स्टेशन के सामने आठ वर्ष पूर्व लगा डीजल इंजन तीसरे दिन भी नहीं हटा सका। हटाने के दौरान एक क्रेन खराब हो गई, जिससे कार्य को बीच में रोकना पड़ा। रविवार से इंजन हटाने का प्रयास चल रहा है। इंजन को स्टेशन गेट के सामने से हटाकर सकेंड इंट्री गेट के बगल में स्थापित करना है। वहां फाउंडेशन बनकर तैयार है।
इंजन के पास बिजली ट्रांसफार्मर व ऊपर से गुजर रही एचटी लाइन हटाने के लिए शट डाउन की परमिशन बिजली निगम से न मिलने के कारण पहले दिन नहीं हो सका। दूसरे दिन क्रेन की कमी सामने आई। तीसरे दिन इंजन हटाने के लिए तीन क्रेन लगी थी। उसी दौरान एक क्रेन खराब हो गई। इंजन करीब 120 टन का होने के कारण उसे सकुशल ट्रेलर पर रखकर सकेंड इंट्री गेट के पास बने फाउंडेशन तक पहुंचाना बड़ा काम है। स्टेशन अधीक्षक सुनील सिंह ने बताया कि वाराणसी से इंजन को देखते हुए बड़ी क्रेन आ रही है। शुक्रवार तक इंजन को नये फाउंडेशन पर स्थापित कर दिया जाएगा।
माॅडल रेलवे स्टेशन पर सुंदरीकरण सहित कई योजनाओं का शिलान्यास को लेकर आ रहे तत्कालीन रेलमंत्री के आगमन को रेलवे स्टेशन के सामने वर्ष 2015 में डीजल इंजन स्थापित किया गया था। स्टेशन के सामने डीजल इंजन रखने के कारण एनएच-31 से स्टेशन से गुजरने वालों को स्टेशन का मुख्य गेट दिखाई ही नहीं पड़ रहा था। स्थानीय लोगों ने कई बार इंजन को हटाने की मांग कर चुके हैं। स्टेशन पर 42 करोड़ रुपये की लागत से कार्य चल रहा है। स्टेशन भवन को हेरिटेज भवन के रूप से विकसित किया जा रहा है। स्टेशन भवन सड़क से दिखे इसके लिए डीजल इंजन को हटाया जा रहा है।