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हाकिमों ने नहीं सुनी तो खुद लगे काम पर

Tue, 19 May 2015 10:21 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
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जहां एक तरफ लोहिया गांवों को सुविधाओं से लैस करने के लिए शासन स्तर से फरमान जारी किया गया है। वहीं कई ऐसे लोहिया गांव है, जहां अन्य विकास तो दूर सड़क और नाली तक की व्यवस्था नहीं है। कुछ ऐसा ही हाल नगर से सटे प्रेमचक उर्फ बहेरी (जेपी नगर नई बस्ती) का है। सड़क के लिए जब लोग गुहार लगाते-लगाते थक गए तो खुद ही दो-दो हजार रुपये चंदा लगाकर सामग्री की व्यवस्था की और लग गए काम पर।\
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ज्ञात हो कि जिला प्रशासन द्वारा प्रेमचक उर्फ बहेरी को वर्ष 2012-13 में लोहिया गांव के नाम के रूप में चयनित किया गया था। इसमें सड़क, बिजली, पानी सहित अन्य सुविधाओं से लैस किया जाना था लेकिन अन्य सुविधाएं तो दूर सड़क और नाली का भी निर्माण नहीं कराया गया। इससे मजबूर होकर मुहल्लेवासियों ने प्रत्येक घर से दो-दो हजार रुपये चंदा इकट्ठा किया और खुद श्रमदान कर मार्ग का निर्माण कर रहे हैं।

मुहल्ले के गुरुनाम सिंह, डा. लवकेश सिंह, अश्वनी सिंह, रमन दूबे, रणधीर सिंह, रामधनी वर्मा आदि का कहना है कि शासन द्वारा चयनित लोहिया गांवों को सुविधाओं से लैस करना है लेकिन यहां विकास कार्य जीरो है। आलम यह है कि बारिश के बाद मुहल्लेवासियों को घर तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हाेंने डीएम का ध्यान आकृष्ट कराते हुए जांचकर दोषियाें के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। इस बाबत पीडी प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि चित्तू पांडेय चौराहे से लेकर जेपी नगर तक प्रेमचक उर्फ बहेरी स्थापित है। जहां लोहिया गांव का, विकास किया गया है। अगर कहीं कोई नया मुहल्ला स्थापित हुआ तो उसका भी विकास किया जाएगा।
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