धान की वजह से दीपावली में धनागमन की संभावना देखते हुए किसानों में खुशी की लहर है। क्योंकि दीपावली के पहले ही धान तैयार हो जाएगी, इससे किसान धान कूटकर उसका चूड़ा बनाकर त्योहार मना सकेंगे। किसानों में इस बात की भी खुशी है कि इस बार वह अपनी मेहनत की फसल से गोवर्धन पूजा करेंगे।
जनपद में बीते दिनों आई बाढ़ से द्वाबा क्षेत्र बैरिया, रामगढ़ सहित करइल इलाका नरहीं, भरौली, गोविंदपुर में हजारों एकड़ धान की फसल डूब कर बर्बाद हो गई थी। जिससे एक समय ऐसा लग रहा था कि इस साल जिले में धान की पैदावार पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। लेकिन जनपद के अन्य हिस्सों में जैसे रसड़ा, बांसडीह, सिकंदरपुर, बेल्थरारोड अच्छी-खासी धान की फसल उत्पन्न हुई है।
किसान दीपावली से पहले धान काटना शुरू कर देंगे और अपनी मेहनत की पहली फसल से माता लक्ष्मी और गोबर्धन पूजा करेंगे। गड़वार के किसान सुदामा यादव ने बताया कि इस साल बारिश अच्छी होने के कारण धान की पैदावार अच्छी हुई है। दो वर्षों बाद इस बार हम लोग अपनी फसल से खुश है। वहीं बेल्थरारोड के चंद्रमा सिंह ने बताया कि सिंचाई के अभाव में शुरू-शुरू में धान की फसल पर संकट के बादल मंडरा रहे था। लेकिन बाद में अच्छी-खासी बारिश हो जाने के कारण धान की फसल अच्छी हुई है।