सावन के पहले सोमवार के दिन नगर के बालेश्वर मंदिर, गोला रोड स्थित कैलाश धाम मंदिर, भृगु आश्रम मंदिर, मिड्ढी स्थित शिव मंदिरों में शिवभक्तों ने मत्था टेका और घंट-घडिय़ाल बजाकर परिवार के सुख-समृद्धि की कामना की।
वहीं नगर से सटे देवकली स्थित देवकलेश्वर मंदिर, नगरी स्थित नकटेश्वर मंदिर, निधरिया स्थित पंच शिव मंदिर, अगरसंडा तथा मिड्ढा स्थित शिव मंदिरों के अलावा ग्रामीण क्षेत्र के कारो स्थित कामेश्वर धाम मंदिर, कोरंटाडीह स्थित मुक्तिनाथ मंदिर, रसड़ा स्थित लखनेश्वरडीह मंदिर, श्रीनाथ मंदिर, सहतवार स्थित पंच शिव मंदिर, दिउली स्थित बाबा बालखंडी नाथ, छितौनी स्थित छितेश्वर नाथ, बभनौली स्थित पारसनाथ, बड़सरी स्थित अवनी नाथ शिव मंदिरों पर भी भक्तों की भीड़ उमड़ी। नगर के बालेश्वर तथा भृगु मंदिर परिसर में पुलिस पर चप्पे-चप्पे पर तैनात रही। मंदिरों के आस-पास मेले सा माहौल रहा।
लखनेश्वरडीह मंदिर में पहले सोमवार को हजारों शिवभक्तों ने कतारबद्ध होकर भगवान शंकर का पूजन-अर्चन किया । उधर, श्रीनाथ बाबा मठ स्थित शिव मंदिर एवं काशी का शिवाला पर दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने भंाग, धतूरा, फूल-माला चढ़ाकर घंट-घडिय़ाल बजाया। वहीं रामगढ़ में गंगा नदी के मझौंवा घाट पर श्रद्धालुओं का रेला उमड़ा। भक्तों का मामना है कि वाराणसी और सुल्तानगंज में गंगा उतरायण है। उसी तरह मझौंवा में भी गंगा नदी उतरायण है। इसलिए यहां का स्नान का विशेषफल है। लोगों ने कांवर में जल भरकर क्षेत्र के बाबा भीमेश्वर नाथ, रूद्र महाकालेश्वर, छितेश्वर नाथ, बिहार में महेंद्र नाथ के साथ ही बाबाधाम के लिए रवाना हुए। क्षेत्र के देवालयों और शिवालयों में देरशाम तक जय शिव जय शिव के जयकारे से पूरा वातावरण गुंजायमान रहा।