बलिया। जिला पंचायत में अपर मुख्य अधिकारी का पद लंबे समय से खाली होने से विकास कार्य प्रभावित हैं।
शासन की निर्माण सहित लगभग 50 करोड़ की योजनाएं ठप हो गई हैं। 18 सितंबर को जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी मनोज कुमार को कई आरोप की जांच के बाद हटा दिया गया था। उनके बाद से किसी की तैनाती नहीं हुई।
जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद चौधरी ने अपर मुख्य अधिकारी पर कार्यालय से गायब रहने, मनमानी करने व बिना संज्ञान के टेंडर निकालने का आरोप लगाया था। शासन की तरफ से इसकी जांच भी कराई गई।
इसके बाद अपर मुख्य अधिकारी मनोज कुमार को लखनऊ संबद्ध कर दिया गया। उनके जाने के बाद किसी की तैनाती नहीं हुई, जिससे जिला पंचायत के निर्माण कार्य समेत लगभग 50 करोड़ के कार्य ठप हैं।
जिला पंचायत सदस्य मानवेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि अपर मुख्य अधिकारी के न होने से जनहित के कार्य रुका हुए हैं।
किसी तरह का टेंडर आदि नहीं हो पा रहा है। क्षेत्र के विकास के लिए प्रस्ताव बनाकर दिए गए हैं। दीपावली में कर्मचारियों का वेतन भी मिलने के आसार कम हैं।