बैरिया। ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त तो हो गए हैं लेकिन इनका डोंगल नहीं बना है। इससे गांवों में विकास कार्य ठप हो गए हैं। इसके चलते बैरिया ब्लॉक के करीब एक दर्जन ग्राम पंचायतों का बिल भुगतान नहीं हो सका है और मैटेरियल दुकानदार और मजदूर पैसों के लिए प्रधान का चक्कर लगा रहे हैं।
ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 25 दिसंबर को पूरा हो गया। पंचायत चुनाव को देखते हुए अधिकांश प्रधानों ने कार्यकाल समाप्ति के अंतिम समय में मतदाताओं को खुश करने के लिए ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराया। बताया जाता है कि भुगतान के समय मेकर यानी सचिव द्वारा बिल बाउचर लोड करके डोंगल लगा दिया गया लेकिन जब चेकर यानी ग्राम प्रधान द्वारा डोंगल (डिजिटल हस्ताक्षर) किया गया तो सर्वर स्वीकार नहीं किया और कई ग्राम पंचायतों का भुगतान अटक गया। अब 26 दिसंबर से ग्राम पंचायतों में प्रशासक को नियुक्त कर दिया गया है लेकिन प्रशासकों के अभी तक डिजिटल हस्ताक्षर नहीं बन सके हैं। ऐसे में राज्य वित्त और 15वां वित्त योजना द्वारा होने वाला विकास कार्य ठप पड़ गया है। हालांकि अधिकांश ग्राम पंचायतों के खाते में धनराशि उपलब्ध नहीं है और शासन से कोई धन खाते में नहीं पहुंचा है। ऐसे में ग्राम पंचायतों में सिर्फ मनरेगा और आवास का कार्य हो रहा है।
ग्राम पंचायतों के प्रशासक का डोंगल अब तक नहीं बना है। कुछ ग्राम पंचायतों के बिल भुगतान के लिए सचिव द्वारा डोंगल लगाया गया लेकिन प्रधान का डोंगल स्वीकार न होने के कारण भुगतान रुक गया है। इस बाबत उच्चाधिकारियों को जानकारी दी गई है। - अवधेश कुमार पांडेय, एडीओ पंचायत, बैरिया