बालिका निकेतन गृह निधरिया में सादे कागज पर हस्ताक्षर न करने पर साथी संवासिनी की पिटाई होने से नाराज संवासिनियों ने शुक्रवार को दो घंटे तक तोड़फोड़ और पत्थरबाजी की।
पथराव के दौरान पहुंचे एडीएम, सदर तहसीलदार तथा महिला एसओ को हल्की चोटें आईं। थोड़ी ही देर में डीएम मुरली मनोहर लाल और एसपी राजू बाबू सिंह पहुंचे और मामला शांत कराया। डीएम ने घटना की मजिस्ट्रियल जांच का निर्देश दिया है।
अधीक्षक माधुरी श्रीवास्तव के रवैये से नाराज संवासिनियों ने बालिका निकेतन गृह में शुक्रवार को हंगामा कर दिया। आरोप लगाया कि सादे कागज पर एक संवासिनी से अधीक्षक हस्ताक्षर करवा रही थीं। मना करने पर उसकी पिटाई कराई गई।
बालिका निकेतन गृह की कई संवासिनियों का आरोप है कि अधीक्षक ने उनकी पिटाई की है। सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट राम सिंह वर्मा, एसडीएम बच्चा लाल मौर्य, बांसडीह एसडीएम अनुज कुमार सिंह, सीओ सिटी डीपी सिंह, सीओ सदर पीयूष कुमार सिंह सहित कई थानाध्यक्ष पहुंच गए।
इस पर संवासिनियों का गुस्सा और बढ़ गया और वे खिड़की का शीशा तोड़कर फेंकने तथा ईंट-पत्थर चलाने लगीं। बर्तन भी फेंकना शुरू कर दिया। इसमें एडीएम खेमपाल सिंह, सदर तहसीलदार तथा महिला थानाध्यक्ष संध्या सिंह को हल्की चोटें आईं। सूचना पर पहुंचे डीएम मुरली मनोहर लाल और एसपी राजू बाबू सिंह ने संवासिनियों से गुस्से का कारण पूछा।
संवासिनियों ने आरोप लगाया कि अधीक्षक एक संवासिनी से जबरन सादे कागज पर हस्ताक्षर करने को कह रही थीं। ऐसा नहीं करने पर वार्डेन और अन्य संवासिनियों से उसकी पिटाई कराई गई। डीएम ने अधीक्षक के विरुद्ध जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधीक्षक माधुरी श्रीवास्तव का कहना था कि संवासिनी इंदू प्रजापति तथा सुनीता के भड़काने पर अन्य संवासिनियों ने तोड़फोड़ की। मुझे जान से मारने की धमकी दे रही हैं।
डीएम ने कहा, बालिका निकेतन गृह निधिरिया की घटना की मजिस्ट्रियल जांच का निर्देश दे दिया गया है। जांच में पहले की घटनाओं को भी शामिल किया जाएगा। जांच के बाद दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।