राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर राज्यकर्मचारियों की पेन डाउन हड़ताल दूसरे दिन बुधवार को भी जारी रही। हड़तालरत कर्मचारियों ने चेतावनी देते हुए मागें नहीं माने जाने पर आंदोलन तेज किए जाने की हुंकार भरी।
उन्होनें जिला चिकित्सालय के प्रांगण में सभा का आयोजन कर अपनी आवाज बुलंद रखी। सभा के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित 10 सूत्री मांग पत्र डीएम को सौंपा गया।
प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह ने प्रदेश सरकार की हठधर्मिता, कर्मचारियों की विभिन्न लंबित समस्याओं, पुरानी पेंशन नीति लागू करने, वेतन की विसंगियों को एक जनवरी 2006 से लागू करने, चिकित्सा सुविधा सहित 10 सूत्रीय मांग पत्रों पर शासनादेश जारी किए जाने पर विचार व्यक्त किया।
उन्होंने सरकार को चेताया कि यदि कर्मचारियों की मांगों पर समय से विचार करते हुए न्याय नहीं किया गया, तो कर्मचारी हड़ताल को और आगे बढ़ाए जाने पर बाध्य होंगे।
जिलाध्यक्ष सत्या सिंह ने कहा कि यदि सरकार जायज मांगों को नहीं मानती है, तो निश्चित तौर पर उसे खामियाजा भुगतने के लिए तैयार रहना पड़ेगा।
कर्मचारी आर-पार की लड़ाई लडने के लिए कमर कस कर खड़े हो गए हैं। महामंत्री बृजेश कुमार सिंह ने कहा कि यदि सरकार मांगों पर तत्काल निर्णय नहीं लेती है, तो प्रदेश के सभी कर्मचारी 23 फरवरी 2016 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे।
सभा में बलवंत कुमार सिंह, राजेश पांडेय, धीरज राय, रमाशंकर यादव, लाल बाबू यादव, वेद प्रकाश पांडेय, रवींद्र सिंह, अनिल सिंह, आदि रहे। सभा का संचालन अरुण कुमार सिंह ने किया।