विभिन्न मांगों को लेकर सीएमओ को पत्रक सौंपने पहुंची मनियर पीएचसी की एएनम और आशा बहुएं। वीडियो
बलिया। मनियर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर अधीक्षक व महिला स्वास्थ्यकर्मियों के बीच चल रहा विवाद को लेकर मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय तक पहुंच गया। वेतन कटौती, दुर्व्यवहार और बाहर की महंगी दवाएं लिखवाने के दबाव का आरोप लगाते हुए बड़ी संख्या में महिला स्वास्थ्य कर्मी सीएमओ कार्यालय पहुंचीं।
इसको लेकर काफी देर तक गहमा गहमी बनी रही। सीएमओ ने 10 महिला स्वास्थ्यकर्मियों को बुलाकर मामले की जानकारी ली और जांच के उपरांत कार्रवाई का आश्वासन दिया। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय पर एसीएमओ द्वारा बुलावा पर दो बस महिला स्वास्थ्य कर्मियों दो बजे के करीब पहुंची। उन्होंने मनियर पीएचसी के चिकित्सा प्रभारी पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया कहा कि ड्यूटी पर 10 मिनट देर से पहुंचने पर भी तत्काल वेतन काट दिया जाता है और कार्रवाई के लिए पत्र जारी कर दिया जाता है। क्षेत्र की महिलाओं को जबरन स्वास्थ्य जांच के लिए बुलाने और बाहर की मेडिकल दुकानों से एक से दो हजार रुपये तक की दवा खरीदने का दबाव बनाया जाता है। एक महिला स्वास्थ्य कर्मी ने आरोप लगाया कि प्रसव के बाद भी मरीज को तब तक डिस्चार्ज नहीं किया जाता, जब तक वह बाहर से दवा नहीं ले लेती।
महिला कर्मियों ने यह भी आरोप लगाया कि बैठक समाप्त होने के बाद उन्हें एक-एक करके अकेले कमरे में बुलाकर काम के संबंध में पूछताछ की जाती है। इससे कर्मचारियों में असहजता और अपने मान-सम्मान को लेकर भय बना रहता है। संवाद