बलिया में क्रिकेट खिलाड़ियों का आक्रोश देखने को मिला। खिलाड़ियों ने यूपीसीए चयनकर्ता का पुतला फूंककर विरोध दर्ज किया। खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि रणजी ट्राफी अंडर 16,19, 23 टीम में शामिल नहीं किया जाता है जिससे खिलाड़ियों का मनोबल उठ नहीं पा रहा। कहना है कि इसके पीछे साजिश काम कर रही है लिहाजा मांग पूरी कर जगह देने का काम करें।
खबर बलिया से है। उप्र क्रिकेट एसोसिएशन में टीम चयन में पूर्वांचल के जिलों के क्रिकेटरों को नजर अंदाज करने के विरोध में खिलाड़ियों ने नगर के पालिटेक्निक स्कूल परिसर में यूपीसीए के चयनकर्ता युद्धवीर सिंह का पुतला दहन किया। इस दौरान खिलाड़ियों ने यूपीसीए के चयनकर्ता के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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खिलाड़ियों का कहना है कि पूर्वांचल के जिलों के क्रिकेटरों को उप्र की रणजी ट्राफी अंडर 16,19,23 (पुरुष एवं महिला) टीम में शामिल नहीं किया जाता। यदि किसी खिलाड़ी को टीम में शामिल भी किया जाता है उसे खेलने का मौका नहीं दिया जाता। यूपी टीम में मेरठ, गाजियाबाद, मुरादाबाद सहित पश्चिमी उप्र के खिलाड़ियों का जगह दी जाती है।
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खिलाड़ियों का कहना है कि यूपीसीए में कुल 75 जिले आते है, लेकिन यूपीसीए ने केवल 41 जिलों को मान्यता दी है। जबकि 34 जिलों को मान्यता नहीं मिली है। जिससे बीसीसीआई के नजरों में धोखा किया जा रहा है। खिलाड़ियों ने मांग किया कि यूपी क्रिकेट टीम में पूर्वांचल के खिलाड़ियों को 25 प्रतिशत कोटा सुनिश्चित किया जाए। अन्यथा पूर्वांचल के खिलाड़ियों के लिए नई क्रिकेट एसोसिएशन को मान्यता दी जाए।
पूर्व खिलाड़ी अजीत सिंह बाबू ने कहा कि यूपी टीम में जनपद के खिलाड़ियों का चयन न करना एवं बलिया जिला क्रिकेट एसोसिएशन को मान्यता न देना खिलाड़ियों के साथ अन्याय है। चेताया कि यदि हम लोगों को मांगे पूरी नहीं होती है तो हम लोग धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। जिसकी सारी जिम्मेदारी उप्र क्रिकेट एसोसिएशन की होगी। पुतला दहन करने वालों में अनुनय कुमार, नमन, विशाल, संजीत कुमार, मोहित, दीपक आदि रहे।