सिकंदरपुर। सरयू नदी से लगातार हो रही कटान से सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र के कई गांवों की कृषि भूमि और आबादी पर खतरा मंडरा रहा है। बृहस्पतिवार को सरयू कटान, भूमि एवं गांव बचाओ समिति के सदस्यों और ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी प्रवीण यादव को ज्ञापन सौंपकर निरीक्षण कराने और कटानरोधी कार्य शुरू कराने की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया कि पुरुषोत्तमपट्टी, खरीद, जिंदापुर, बिजलीपुर, निपनिया और बहदुरा समेत आसपास के गांवों की कृषि भूमि लगातार नदी में समाहित हो रही है। 18 जुलाई को जिलाधिकारी और 22 जुलाई को उपजिलाधिकारी को भी ज्ञापन दिया गया था। इसके बावजूद क्षतिग्रस्त ठोकर (बोल्डर) की मरम्मत और कटान रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
समिति ने क्षतिग्रस्त ठोकर और जियो ट्यूब बैग की तत्काल मरम्मत या पुनर्निर्माण, कटान प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण और आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य युद्धस्तर पर शुरू कराने की मांग की। साथ ही नदी में समाहित हो चुकी कृषि भूमि का सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा देने की मांग उठाई। मांगें पूरी नहीं होने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
उपजिलाधिकारी प्रवीण यादव ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि मामले की पूरी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी और वह स्वयं मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करेंगे। उन्होंने बताया कि करीब चार दर्जन प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जा चुका है। आगे भी प्रभावित किसानों को नियमानुसार मदद दिलाई जाएगी।
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बाढ़ प्रभावित गोपालनगर टांडी पहुंचे डीएम-एसपी, लिया जायजा
भूमिहीन सात बाढ़ पीड़ितों को जमीन का पट्टा देने के निर्देश
देवपुर मठिया में बाढ़ चौकी स्थापित करने को कहा
संवाद न्यूज एजेंसी
बैरिया। बाढ़ प्रभावित गोपालनगर टांडी में बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह और पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों की हकीकत परखी। अधिकारियों ने बाढ़ पीड़ितों से सीधे संवाद कर राशन, भोजन, पेयजल समेत अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एसडीएम बैरिया से बाढ़ पीड़ितों को दिए गए मुआवजे और जमीन के पट्टे की स्थिति की जानकारी ली। डीएम ने पात्र भूमिहीन बाढ़ पीड़ितों को नियमानुसार जमीन का पट्टा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने देवपुर मठिया में बाढ़ चौकी स्थापित करने को भी कहा। डीएम ने अधिकारियों को क्षेत्र में लगातार सर्वे और चिह्नांकन कर सभी पात्र बाढ़ पीड़ितों तक राहत पहुंचाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन उनकी हरसंभव मदद के लिए तत्पर है। निरीक्षण के दौरान एसडीएम बैरिया, बाढ़ खंड के अधिकारी समेत अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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बाढ़ का पानी उतरते ही शैक्षणिक संस्थानों की शुरू हुई सफाई
मझौवां। गंगा नदी के जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद शैक्षणिक संस्थानों में साफ-सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया है। सोमवार को प्राथमिक विद्यालयों में पठन-पाठन शुरू किए जाने की तैयारी है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गायघाट गेज पर बृहस्पतिवार की शाम चार बजे गंगा नदी का जलस्तर 58.270 मीटर दर्ज किया गया। नदी के जलस्तर 4 घंटे में एक सेंटीमीटर की दर से गिरावट हो रही है। हालांकि गंगा अभी भी खतरा बिंदु 57.615 मीटर से करीब 655 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। संवाद
24 घंटे में 30 सेमी सरयू के जलस्तर में कमी
बेल्थरारोड। खतरे के निशान से ऊपर बहने वाली सरयू नदी के जलस्तर में निरंतर घटाव हो रहा है। पिछले 24 घंटे के दौरान 30 सेंटीमीटर जलस्तर में कमी हुई। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार मंगलवार की शाम चार बजे जलस्तर 63.94 मीटर दर्ज किया गया, जबकि लाल निशान 64.01 मीटर है। आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में कमी होने का पूर्वानुमान किया। इससे बाढ़ की संभावना फिलहाल टल गई है।अगले 24 घंटे में डेढ़-डेढ़ सेंटीमीटर जलस्तर में घटाव का पूर्वानुमान किया है जिससे तटवर्ती लोगों ने राहत की सांस ली। संवाद