बलिया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रभावित 134 राजस्व ग्रामों के खरीफ फसल की बीमा की धनराशि ना मिलने से आक्रोशित किसानों ने अपने अधिवक्ताओं के साथ जिलाधिकारी को पत्रक सौंप और बीमित किसानों को संपूर्ण फसल नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की। कहा कि बीमा कंपनियां गरीब किसानों के नाम पर धोखाधड़ी कर चूना लगाने का काम कर रही हैं।
जिलाधिकारी को सौंपे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि बीते साल हुए अतिवृष्टि में जनपद के सदर तहसील क्षेत्र के 82 राजस्व ग्रामों, सुरहा ताल के किनारे के 22 राजस्व ग्राम और बांसडीह तहसील क्षेत्र के 10 राजस्व ग्रामों तथा बैरिया तहसील क्षेत्र 20 ग्रामों की सूची जारी की गयी थी। उपरोक्त सभी तहसील के 134 ग्रामों का सर्वे जिलाधिकारी द्वारा गठित समिति द्वारा किया गया। इसमें उपरोक्त सभी 134 राजस्व ग्रामों की समस्त फसल नष्ट हो गयी थी। रिपोर्ट में 134 राजस्व ग्रामों के बीमा धारकों को बीमा दिये जाने की संस्तुति की थी। जबकि बीमा कंपनी की ओर से एक पत्र 21 अक्तूबर को भेजा गया, जिसमें अवगत कराया गया कि जनपद में अतिवृष्टि व बाढ़ के कारण जलस्तर में वृद्धि के चलते सुरहा ताल के जलस्तर में वृद्धि से तहसील बैरिया, बांसडीह एवं बलिया सदर के राजस्व गांवों का सर्वे टीम के सत्यापन के उपरांत फसल नष्ट पायी गयी। जिनके फसल का मुआवजा आज तक नहीं दिया गया। इस मौके पर अधिवक्ता मनोज राय हंस, उमेश राय, सोनू गुप्ता, श्यामलाल राय, हरेंद्र कुमार, रामाज्ञा राय, विजय शंकर राय, रामलाल राय, रवींद्र कुमार वर्मा, अनिल कुमार राय, नवीन राय, लल्लन ओझा आदि मौजूद रहे।