पंदह। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी विद्यालयों में गरीब व वंचित वर्ग के बच्चों को मिलने वाला मुफ्त दाखिला इस बार समय पर शुरू नहीं हो सका है। नया वर्ष शुरू हो चुका है, लेकिन आरटीई पोर्टल अब तक अपडेट न होने से आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। इससे पात्र अभिभावकों की चिंता बढ़ती जा रही है।
जिले के 770 निजी विद्यालय बेसिक शिक्षा परिषद के पोर्टल पर पंजीकृत हैं, जहां कक्षा एक में 25 प्रतिशत सीटों पर आरटीई के तहत निशुल्क प्रवेश दिया जाता है। हर साल दिसंबर से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो जाती थी, लेकिन इस बार शासन स्तर पर तकनीकी प्रक्रिया पूरी न किए जाने के कारण आवेदन का रास्ता अब तक नहीं खुल सका है।
जिले में आरटीई के दायरे में आने वाले विद्यालयों की संख्या लगातार बढ़ी है। पहले जहां 182 स्कूल मैप्ड थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 770 हो चुकी है। शैक्षिक सत्र 2024-25 में आरटीई के तहत 2312 बच्चों को प्रवेश मिला था, जबकि वर्तमान सत्र में 2449 बच्चे जिले के विभिन्न निजी विद्यालयों में आरटीई के अंतर्गत प्रवेश लेकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
आरटीई के अंतर्गत आवेदन शुरू न होने से ऐसे परिवार खासे परेशान हैं, जिनके बच्चे नए सत्र में कक्षा एक में प्रवेश के योग्य हो चुके हैं। अभिभावकों का कहना है कि निजी विद्यालयों में सामान्य सीटों पर दाखिले की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, जबकि आरटीई के तहत प्रवेश को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। समय पर पोर्टल अपडेट न होने से गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों के भविष्य के साथ साथ हजारों अभिभावकों की उम्मीदें भी अधर में हैं, जो आरटीई के सहारे अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने का सपना देख रहे हैं।
आरटीई के तहत प्रवेश प्रक्रिया शासन स्तर से संचालित पोर्टल के माध्यम से ही शुरू होनी है। फिलहाल पोर्टल अपडेट की प्रक्रिया चल रही है। जैसे ही शासन से दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, आवेदन प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी। अभिभावकों को घबराने की जरूरत नहीं है। सभी पात्र बच्चों को योजना का लाभ दिलाना विभाग की प्राथमिकता है। - मनीष कुमार सिंह, बीएसए।