कृष्णा सिंह जुल्म और अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ने के साथ ही गरीबों की पीड़ा देखते तड़प जाते थे। उन्होंने छात्र राजनीति से अपना राजनीतिक कैरियर शुरू किया था। यह बातें स्व. कृष्णा सिंह के बड़े भाई रमेश सिंह ने तेरहवीं पर उनके चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कही।
हरपुर एनसीसी तिराहा स्थित आवास पर स्व. कृष्णा सिंह को श्रद्धांजलि देने वाले शुभेच्छुओं का तांता लगा रहा। इस दौरान शुभेच्छुओं ने कहा कि नागाजी सरस्वती शिशु मंदिर, देवस्थली, सेंट जेवियर्स में शिक्षा ग्रहण करने के बाद एससी कालेज में छात्रनेता की तैयारी करते रहे।
उन्होंने 2005 में जिला पंचायत सदस्य के लिए भी अपना भाग्य अजमाया। लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। फिर भी वे समाजसेवा में लगे रहे। मनियर क्षेत्र के छितौनी गांव निवासी स्व. कृष्णा सिंह गरीबों की पीड़ा सुनने के साथ मदद में आगे आ जाते थे। इस मौके पर चंद्रकेश ठाकुर ने कहा कि जब भी कृष्णा सिंह उनके दुकान पर आते थे।
वे हमेशा पीडि़त, लाचार की बात करते थे। अगर किसी गरीब की जमीन कोई हड़पना चाहता था तो वे उसका पुरजोर विरोध करते थे। गरीब लड़कियों की शादी में भी दिल खोलकर उपहार देते थे। श्रद्धांजलि सभा के मौके पर 250 गरीबों और असहायों को ठंड के मौसम के मद्देनजर कंबल वितरित किया गया। इस मौके पर पिता ओमप्रकाश सिंह ओपी, माता लालमुनि सिंह, प्रदीप नारायण, रणजीत सिंह, अजीत तथा सतीश ने गरीबों को कंबल सौंपा।