अलाव न जलने पर कूड़ा-कचरा जलाकर ठंड से बचाव करते लोग।
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जिले में ठंड, कोहरे और गलन का सितम जारी है। हालांकि गुरुवार को दिन में हल्की धूप निकलने से लोगों ने राहत महसूस की लेकिन शाम होते ही कोहरे की चादर दोबारा तन गई और सर्द भरी हवाओं ने लोगों को कंपा दिया। कड़ाके की ठंड और गलन के चलते और तीन लोगों की मौत हो गई। अब तक नौ लोग ठंड से जान गवां चुके हैं। बाजारों में ग्राहकी न होने से सन्नाटा रहा। कोहरे और ठंड का असर ट्रेन यातायात पर भी पड़ा है। कई ट्रेनें घंटों विलंबित रहीं। प्रशासन की संवेदनहीनता लोगों के गले नहीं उतर रही। गरीब तबका और राहगीर ठंड से ठिठुरने को मजबूर है। उधर, ग्रामीण इलाकों में भी नगर पंचायतों की ओर से अलावा की व्यवस्था नहीं किए जाने से लोग बेहाल रहे।
शहर में सुबह से एकदम गलन भरी ठंड और बर्फीली हवाओं से लोग अपने घरों में दूबकने के लिए विवश देखे गए। मेहनत-मजदूरी करने वाले लोग घरों से बाहर निकले तो ठिठुरने को मजबूर रहे। कई दुकानों में दुकानदार आग जलाकर सर्दी दूर करने का प्रयास करते रहे। गलन और कोहरे की वजह से यातायात भी प्रभावित रहा। लोग अपने वाहन बत्ती जलाकर ही चलाने को मजबूर रहे। सर्दी के सितम को देखते हुए जिला प्रशासन और नगर पालिका ने चौराहों पर अलाव की व्यवस्था युद्ध स्तर पर शुरू कर दी है। लेकिन अब भी कई ऐसे सार्वजनिक स्थल है जहां अलाव का माकूल व्यवस्था नहीं किया गया।