संवाद न्यूज एजेंसी चौकियामोड़/ बेल्थरारोड। उभांव थाना क्षेत्र के दोथ-सोनाडीह गांव में सीआरपीएफ के कर्मचारी अमरेश बहादुर सिंह की हत्या के बाद न्याय की मांग को लेकर शनिवार को भी परिजनों का आक्रोश रहा। पिता के हत्यारोपियों के एनकाउंटर की मांग कर शव के पास पेट्रोल भरर केन लेकर बेटी बैठी रही।
पोस्टमार्टम के बाद करीब 18 घंटे तक शव घर में रखा रहा। परिजन आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, सुरक्षा और अन्य मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। तनाव को देखते हुए चार थानों की पुलिस गांव में तैनात रही। वहीं इस मामले में मृतक की पुत्री की तहरीर पर पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है। इसमें तीन पकड़े जा चुके हैं।
अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार दोपहर बाद मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से कई दौर में वार्ता की। इसी दौरान परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने मृतक की पत्नी कंचन सिंह से फोन पर बातचीत कर परिवार को भरोसा दिलाया कि पांच दिन कें अंदर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनकी मुलाकात कराई जाएगी। उन्होंने हत्याकांड में आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई, घायल मंगेश सिंह के नाम शस्त्र लाइसेंस जारी कराने और परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
सीओ की रिपोर्ट पर तत्काल परिवार को एक गनर सुरक्षा के लिए मिला। शासन के संदेश के साथ मौके पर पहुंचे एडीएम ने परिजनों को बच्चों की शिक्षा, पेंशन योजनाओं का लाभ और पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता समेत अन्य मांगों पर कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया। इस दौरान एमएलसी रविशंकर सिंह पप्पू ने भी फोन पर परिजनों से बातचीत की और अमरेश को सम्मान के साथ अंतिम विदाई देने की अपील की। 18 घंटे बाद सरयू किनारे गुलौरा मठिया घाट पर पुलिस की मौजूदगी में पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। एसडीएम बेल्थरोड, थाना प्रभारी दिनेश पाठक, सदर कोतवाल प्रवीण सिंह, सिकंदरपुर सीओ राकेश कुमार सिंह समेत पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
शव के पास पेट्रोल लेकर बैठी रही बेटी
बेल्थरारोड। सोनाडीह दोथ गांव में पूर्व सीआरपीएफ जवान अमरेश बहादुर सिंह की हत्या के बाद परिवार ने शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया था। पत्नी और तीनों बेटियां हत्यारोपियों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़ी रहीं। बड़ी बेटी कृतिका शव के पास पेट्रोल की केन लेकर बैठ गई। परिवार ने चेतावनी दी कि आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर होंगे। सूचना पर सुबह से प्रशानिक अधिकारियों का जमावड़ा लगा रहा, एसडीएम शरद चौधरी परिवार परिजनों के सामने हाथ जोड़ कर समझाने में जुटे रहे।
मासूम भतीजे ने दी अमरेश को मुखाग्नि, नम हुईं आंखें
अमरेश सिंह की अंतिम विदाई का दृश्य बेहद मार्मिक रहा। महज 12 वर्षीय भतीजे रुद्र प्रताप सिंह ने बिलखते हुए चिता को मुखाग्नि दी। रुद्र, हमले में घायल मंजेश बहादुर सिंह का बेटा है। मासूम के हाथों अंतिम संस्कार की रस्म पूरी होते देख घाट पर मौजूद परिजन, ग्रामीण और पुलिसकर्मी भावुक हो उठे। चिता के सामने परिजनों की आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे।
वाराणसी में घायल मंजेश का इलाज, सुरक्षा और कार्रवाई की मांग
अमरेश बहादुर सिंह हत्याकांड के बाद उनके छोटे भाई मंजेश सिंह भी गंभीर रूप से घायल हैं। उनका वाराणसी में उपचार चल रहा है। घटना के बाद से परिवार आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ सुरक्षा और न्याय की मांग कर रहा है। गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती लगातार जारी है।
तीन टीमें तलाश में जुटीं नहीं लगा सुराग
एएसपी उत्तरी दिनेश कुमार शुक्ल ने बताया कि हत्या के मामले में नामजद आरोपी गिरीश की बेटी खुशी, पत्नी शीला सिंह और बेटे सूरज को गिरफ्तार किया गया है। वहीं भागे दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन पुलिस टीमें गठित की गई हैं। टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
वीआरएस के बाद डेयरी फार्म चला रहे थे अमरेश
सोनाडीह (दोथ) निवासी पूर्व सीआरपीएफ जवान अमरेश सिंह ने 31 मार्च को वीआरएस लेने के बाद गांव में डेयरी फार्म शुरू किया था। शाम को पट्टीदार रामकरण सिंह गाली दे रहा जिसका विरोध करने पर रामकरण परिवार के साथ मिलकर अमरेश और उनके छोटे भाई मंजेश सिंह पर चाकू से हमला कर दिया। शोर सुनकर अमरेश की पत्नी और बेटियां मौके पर पहुंचीं और बचाने का प्रयास किया। हमले में दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान अमरेश सिंह की मौत हो गई, जबकि मंजेश सिंह की हालत गंभीर बनी है।