बलिया। जिले में सोमवार की दोपहर बाद करीब तीन बजे आंधी-पानी ने तबाही मचा दी। हवा की गति लगभग 80 से 90 किमी प्रतिघंटे रही। आंधी के दौरान 26 से अधिक पेड़ व 30 बिजली के खंभे उखड़ गए। इससे विद्युत व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई। शहर क्षेत्र में करीब चार घंटे बाद सप्लाई व्यवस्था पटरी पर आई। वहीं, ग्रामीण इलाकों में देर रात तक सप्लाई बहाल नहीं हो सकी थी। कई जगह वाहनों पर पेड़ गिर गए।
आसमान पर काले बादल छाने से कुछ ही देर में ऐसा अंधेरा छा गया, मानो रात हो गई हो। हालात ऐसे बने कि लोगों को दिन में ही वाहनों की लाइट जलाकर चलना पड़ा। तेज हवा के कारण टीन शेड, बैनर-पोस्टर तक उड़ गए। तेज हवाओं के झोंकों ने कच्चे और फूस के बने घरों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया। कई घरों के छप्पर उड़ गए, जिससे लोगों को भारी क्षति हुई। जगह-जगह पेड़ों की डालियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं, जिससे आवागमन भी प्रभावित रहा। बेल्थरारोड : तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश हुई। घंटों तक बिजली की कड़कड़ाहट सुनाई देती रही। निचले इलाकों में जलभराव हो गया। गांधी महाविद्यालय मिड्ढा के मौसम वैज्ञानिक प्रो. सुरेश सिंह ने बताया कि तापमान में गिरावट आई है। 80-90 किमी प्रति घंटे की गति से हवा चली। फिलहाल मौसम अभी इसी तरह रहेगा। अधिकतम तापमान 33.50 व न्यूनतम 19.50 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
16 एमएम बारिश से कई मोहल्ले में जलभराव
आंधी व बारिश से शहर के कई मोहल्ले में जलभराव हो गया। सड़कों पर पानी भर जाने से यातायात बाधित रहा। सतनी सराय, आवास विकास काॅलोनी, टैगोर नगर, आनंद नगर आदि मोहल्लों में जलभराव हो गया। मौसम विभाग के अनुसार जिले में 16 एमएम बारिश हुई। इस दौरान नगर पालिका परिषद की पानी निकासी व्यवस्था की कलाई खुल गई।
बाधित रहा आवागमन
नरहीं। लक्ष्मणपुर कथरियां मार्ग पर चिलबिल का पेड़ गिरने तीन बाइक दब गईं। आवागमन बाधित हो गया। दो घंटे बाद भी पेड़ काटने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई थी। आंधी के कारण नरहीं, दौलतपुर,कैथवली में तार व खंभे टूट गए हैं। बसंतपुर विद्युत उपकेंद्र के मेन सप्लाई पर नीम के डाल टूट कर गिरने से कैथवली और बसंतपुर विद्युत उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति ठप हो गई है।
तहसील परिसर में जलभराव
बलिया। बेल्थरारोड में आंधी के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। बिजली की गरज-चमक ने लोगों में दहशत का माहौल बना दिया। तहसील परिसर में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से चारों ओर जलजमाव हो गया। परिसर में खड़ी बाइकों के पहिए पानी में डूब गए। बाजारों और सड़कों पर भी पानी भर गया।
तापमान में गिरावट, किसानों को मिली राहत
पूर। तेज हवा और झमाझम बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। कई जगहों पर बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और अंधेरा छा गया। किसी के घर शादी, कहीं तिलक तो कहीं गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्यों की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन आंधी और बारिश ने इनमें खलल डाल दिया। खुले में की गई व्यवस्थाएं खराब हो गईं और लोगों को वैकल्पिक इंतजाम करने पड़े। बारिश से किसानों के चेहरे पर राहत दिखी। धान की नर्सरी की तैयारी कर रहे किसानों के लिए यह बारिश अनुकूल साबित हुई है, जिससे खेतों में नमी बढ़ी और बोआई की तैयारी आसान हो गई।
लोगों ने सुरक्षित जगहों पर ली शरण
आंधी और बारिश से बचने के लिए बड़ी संख्या में लोग जहां सुरक्षित जगह मिला, वहां छिप गए। कई लोगों ने पेट्रोल पंप और पक्के भवनों में शरण ली तो कई सड़क के किनारे मकानों के बाहर खड़े हो गए। बाइक सवारों को दिक्कत हुई।