पूर। रबी फसलों की बोआई का सीजन शुरू होते ही किसानों की चिंता बढ़ गई है। जिले की अधिकांश सहकारी समितियों पर खाद नहीं है। डीएपी, पोटाश और दलहनी फसलों के बीज की अनुपलब्धता से किसान बोआई की तैयारी नहीं कर पा रहे हैं।
पंदह ब्लॉक की नौ सहकारी समितियों में से किसी पर भी अब तक डीएपी नहीं पहुंची है। मजबूरन किसान निजी दुकानों से महंगे दामों पर डीएपी खरीदने के लिए विवश हैं। पकड़ी सहकारी समिति पर पहुंचे पहराजपुर के किसान सत्यदेव चौधरी ने बताया कि सरकारी रेट 1350 प्रति बोरी है, जबकि निजी दुकानों पर डीएपी 1600 रुपये में बिक रही है। महंगे दाम पर खरीदने के बावजूद डर रहता है कि असली है या नकली। किसानों का कहना है कि वे पिछले दस दिनों से समितियों के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन कहीं भी डीएपी नहीं मिल रही। एकइल साधन सहकारी समिति के सचिव रामायण यादव ने बताया कि डीएपी रैक अभी जनपद में नहीं पहुंचा है लेकिन अगले सप्ताह तक समिति पर डीएपी उपलब्ध हो जाएगी। संवाद