मनियर। घाघरा नदी के जल स्तर में लगातार हो रही गिरावट से क्षेत्र के तटवर्ती गांवों में कटान तेज हो गया है। तटवर्ती गांव नवका गांव के पास कटान तेज होने के कारण पहले से बने अस्थायी ठोकर गुरुवार को करीब पचास मीटर धंस गया। इससे गांव के लोगों में दहशत व्याप्त है।
गौरतलब हो कि घाघरा नदी के समीप बसे तटवर्ती गांव ककरघटा व नवका गांव को कटान से बचाने के लिए शासन स्तर से करोड़ों रुपये खर्च कर बाढ़ आने से पूर्व अस्थायी ठोकर बनाया गया। लोगों को आस जगी की ठोकर बनने से बाढ़ और कटान से निजात मिलेगी। इधर लगभग महीनों से घाघरा नदी के जल स्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी व गिरावट के कारण तटवर्ती क्षेत्र के लोग परेशान हैं। सरकार द्वारा नाइलान की बोरिया में बालू भर कर तटवर्ती गांव नवका गांव में बनाये अस्थायी ठोकर में से करीब पचास मीटर ठोकर गांव निवासी रंगनाथ व राथेश्याम के घर के आगे गुरुवार को धंस गया। ठोकर धंसते ही गांव के लोगों में दहशत व्याप्त हो गया है। ग्रामीण अब नदी के रुख को टक टकी लगाये बैठे हैं। हालांकि धंसे जगह पर ठेकेदारों द्वारा बोरियां में मिट्टी भर कर डाला जा रहा है। लेकिन कामयाबी नहीं मिली है। वहीं कटान में तेजी जारी है लोगों ने अस्थायी बने ठोकर पर तरह-तरह के सवाल उठाते रहे। अगर कटान में नरमी नहीं आयी तो भयावह स्थिति हो सकती है।