दो दिन पहले रात में जेल का निरीक्षण करने के बाद अधिकारियों को आशंका थी कि बैरकों में आपत्तिजनक सामान रखे जा रहे हैं। एक बैरक में मोबाइल होने की भी सूचना मिली थी। इसी आशंका के आधार पर सख्ती से जांच-पड़ताल करने आला अफसर जेल पहुंचे थे। जेल में दाखिल होते ही एक-एक बैरकों की छानबीन शुरू कर दी गई।
सभी बैरकों की तलाशी लेने के बाद कैदियों से पूछताछ की गई। उनकी समस्याओं के बारे में भी जानकारी ली गई। कई कैदियों ने बेहतर भोजन न मिलने और इलाज समय से न होने की शिकायत की। जेल के अस्पताल का भी बारीकी से निरीक्षण किया। डीएम ने जेल के चिकित्सक से पूछताछ की। दवा वितरण रजिस्टर दुरुस्त न होने पर फटकार लगाई। दवा वितरण में भी हीलाहवाली नहीं करने को कहा।
एसपी ने भी बंदियों का हाल जाना। इस मौके सीजेएम रत्नेश मणि त्रिपाठी और एसीजेएम द्वितीय कुमार प्रशांत सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।