मौसम में अचानक हुए परिवर्तन की वजह से शुक्रवार को ददरी मेला के मीना बाजार में चहल-पहल कम दिखी। सर्कस का पवेलियन जहां खाली-खाली था वहीं झूलों पर भी लोग कम ही नजर आए।
कार्तिक पूर्णिमा स्नान के बाद लगभग 20 दिनों चलने वाला मीना बाजार में मौसम के परिवर्तन के चलते शुक्रवार को कम भीड़ दिखी। इतना ही नहीं भारतेंदु मंच के विभिन्न कार्यक्रम जैसे कव्वाली, शेरों शाम में भी पिछले साल की अपेक्षा भीड़ कम उमड़ी थी।
शुक्रवार को भी मेले का नजारा कुछ इस प्रकार का रहा कि दस बजने के बाद बच्चे-बूढ़े, महिलाएं मेले में कम ही पहुंचीं। इसके बाद चार बजते-बजते लोग घर निकलने लगे। इसके बाद सात बजते-बजते मेला में भीड़ काफी हम होने लगी थी।