मेला प्रभारी त्रिभुवन ने बताया कि प्रशासन की तरफ से ददरी मेला को सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण संपादित करने वाली जिला स्तरीय कमेटी से अध्यक्ष नगरपालिका बलिया की आपत्ति पर विशेष आमंत्रित कमेटी से अध्यक्ष नगरपालिका और ब्लॉक प्रमुख दुबहड़ को हटा दिया गया है।
जिला स्तरीय कमेटी में विशेष आमंत्रित जनप्रतिनिधियों को बनाया गया था क्योंकि कार्तिक पूर्णिमा स्नान दुबहड़ ब्लॉक में और ददरी मेला नगर पालिका में लगता है। जिला प्रशासन बेहतर कार्य कर जनप्रतिनिधि को विश्वास में लेने के लिए शामिल किया गया था।
जीओसी होंगे चेयरमैन, संयुक्त खाते से होगा व्यय
नगर पालिका परिषद की बाइलॉज के अनुसार मेला का जीओसी चेयरमैन ही होता है। ऐसे में वर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष इसके जीओसी हैं। मेला प्रभारी त्रिभुवन ने बताया कि ददरी मेला से होने वाली आय जो मनोरंजन, पार्किंग, दुकान आवंटन, झूला आदि से होती है, उसे नगर पालिका के बैंक खाते में जमा किया जाता है।
खाते का संचालन अध्यक्ष नगर पालिका और अधिशासी अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जाता है। ददरी मेला आयोजन के प्रबंधन में होने वाली आय का सृजन खुली नीलामी के माध्यम से किया जाता है। ददरी मेला में होने वाले प्रबंधन कार्य जैसे लाइट, टेंट लगाने आदि का काम वित्तीय नियम के मुताबिक टेंडर आदि के माध्यम से कराया जाता है।
सीआओ ने मेला आयोजन में दी एक लाख की सहायता
ददरी मेला में होने वाली आय में वृद्धि, सहयोग और सहभागिता हेतु ऐतिहासिकता और पौराणिकता से प्रभावित होकर सीआरओ त्रिभुवन ने एक लाख रुपये अपने वेतन से देने की घोषणा की है। चैरिटी सोशल रिस्पांसबिलिटी को प्रोत्साहन मिले और समाज सेवी और व्यापारी अपना सहयोग दे सकें।
ददरी मेले के लिए प्रशासन की तरफ से समिति बनाई गई है। नगर पालिका परिषद की तरफ से ही मेला का आयोजन होगा। टेंडर आदि की भी प्रक्रिया जल्द ही पूरी की जाएगी। -संत कुमार उर्फ मिठाई लाल, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद।