गत एक पखवाड़ से चुनाव चिंह को लेकर सपा में मचे घमासान पर सोमवार को उस समय विराम लग गया जब चुनाव आयोग ने सायकल सिंबल अखिलेश गुट मान लिया। चुनाव आयोग के इस घोषण के बाद जिले में एक तरफ अखिलश गुट में खुशी की लहर रही। वहीं दूसरी तरफ मुलायम खेमे में मायूसी रही।
आलम यह रहा कि सायकल सिंबल मिलने के बाद जिले के विभिन्न विधानसभाओं के अखिलेश समर्थकों ने एक दूसरे को मिठाई खिला खुशी का इजहार किया। सिकंदरपुर, बेल्थरारोड, बैरिया, फेफना, बांसडीह में समर्थकों ने आतिशबाजी भी की। पूर्व जिलाध्यक्ष संग्राम सिंह यादव का कहना है कि साइकल का सिंबल मिलना तय था।
चुनाव मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। पार्टी पूरे दमखम से चुनाव लड़ेगी। इसमें किसी प्रकार का समझौता नहीं होने वाला है। सपा नेता राणा कुणाल सिंह का कहना है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने काम की बदौलत लोगों के दिल में जगह बनाई थी, उसी का नतीजा है कि चुनाव आयोग ने भी उनके साइकल सिंबल पर मुहर लगाई। सपा नेता नीरज सिंह गुड्डू ने सिंबल मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को दिए जाने पर बधाई दी तथा कहा कि नेताजी के नेतृत्व में चुनाव लडे़ेगें।