मानसिंह छपरा में पैमाइश करते राजस्व टीम व लेखपाल।जागरुक पाठक
बैरिया। पिछले वर्ष गोपालपुर व उदई छपरा के 28 कटान पीड़ितों को आवंटित आवासीय पट्टे पर कब्जा दिलाने के लिए जमीन जमीन मापने का काश्तकारों ने विरोध किया है। किसानों का कहना है कि पहले काश्तकारों की जमीन चिह्नित कर रकबा तय करने के बाद पट्टे की जमीन चिह्नित की जाए।
उक्त मामला बैरिया तहसील के मानसिंह छपरा (अचल गढ़) का है, जहां के किसान अश्वनी ओझा, दीनानाथ ओझा, अवधेश ओझा, विशाल ओझा सहित दर्जनों किसानों का आरोप है कि राजस्वकर्मी मौके पर गलत मापी कर रहे हैं। पहले किसानों का निर्धारण रकबा के अनुसार खेत का सीमांकन करने के बाद पट्टे के जमीन का सीमांकन कर कटान पीड़ितों को आवासीय पट्टा का भूमि उपलब्ध कराना चाहिए था।
इस संदर्भ में बृहस्पतिवार को किसानों ने भाजपा जिला कार्यसमिति के सदस्य अश्वनी ओझा के नेतृत्व में उपजिलाधिकारी को पत्रक देकर मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई की मांग की। उपजिलाधिकारी बैरिया शशिभूषण मिश्र ने नायब तहसीलदार उदय राज रत्ना को मौके पर जाकर रिपोर्ट देने को निर्देशित किया है। बुधवार को मापी हुई थी किंतु कोई हल नहीं निकल पाया था।