ददरी मेला के मीनाबाजार में घरेलू उपयोग के लिए प्लास्टिक से बने सामानों की खरीदारी करते लोग।संव
बलिया। महर्षि भृगु की धरती पर ऐतिहासिक ददरी मेला पूरी तरह से सज गया है। जलपरी के चालू होने से लोगों की भीड़ लगने लगी है। बच्चे व महिलाएं जलपरी देखने के लिए काफी उत्सुक दिखाई दीं। हल्की ठंड के बीच लोग मेले का आनंद उठा रहे हैं। दिन प्रतिदिन मेला में लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। लगन का सीजन होने के कारण दिन में अधिक भीड़ हो रही है। ऐसे में दुकानदारों के बल्ले-बल्ले है।
दिन के समय ग्रामीण क्षेत्रों तथा शाम के वक्त शहरी लोगों की भीड़ से दुकानदारों के चेहरे से खुशी झलक रही है। परिवार के साथ पहुंचकर लोग मेले में झूला, मौत के कुआं संग गुड़ही जलेबी व चाट का आनंद ले रहे हैं। वहीं, जलपरी के पास सबसे अधिक भीड़ हो रही है। 80 रुपये प्रति व्यक्ति टिकट लगने से गरीब वर्ग के लोग जाने से कतराते रहे। शृंगार समेत घरेलू सामान की दुकानों पर महिलाओं की अधिक भीड़ लगी रही। कई प्रांतों के दुकानदार शृंगार का सामान, लकड़ी का सामान, बनावटी फूल चूड़ी आदि लेकर आए हैं। फिरोजाबाद से चूड़ी की दुकान लेकर आए पिंटू भाई बताते हैं कि मेले में पहले से अधिक भीड़ है। महिलाओं की पसंद को ध्यान में रखकर चूड़ियां उपलब्ध हैं। सहारनपुर से आए वसीम ने बताया कि लकड़ी का सामान लोगों को खूब पसंद आ रहा है। सीआरओ त्रिभुवन ने बताया कि जलपरी आइटम की शुरुआत हो गई है। ददरी मेले में पहली बार जलपरी आई है। यह मेला आने वालों के लिए आकर्षक का केंद्र बना हुआ है।
मिक्की माउस ने बच्चों को रिझाया
ददरी मेले में परिजनों के साथ आए बच्चे खिलौने की दुकान पर पसंद के खिलौने लेने की जिद करते देखे गए। इसके साथ ही बच्चों को मिक्की माउस समेत छोटे झूले रिझा रहे हैं।
जलेबी व चाट का लिया स्वाद
युवाओं का आकर्षण चरखी की तरफ रहा। सुनामी झूले पर लोगों के पैर के चप्पल तक गिर जा रहे थे। कई युवा अपनी आंखों पर रुमाल रख ले रहे थे। जलेबी, छोले, चाट, पकौड़े सहित दक्षिण भारतीय बर्गर, पिज्जा आदि की दुकानों पर युवाओं की भीड़ लगी रही।