नरहीं। मुंडन संस्कार के शुभ मुहूर्त पर बुधवार को उजियार घाट गंगा तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। एक बार फिर नाविकों ने सुरक्षा के नियमों को ताक पर रख दिया। नावों पर श्रद्धालु बिना लाइफ जैकेट दिख। ओहर के लिए मनमाने तौर पर वसूली की गई।
गाजीपुर जिले के करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के रजौली गांव निवासी उमेश ने बताया कि नाविकों ने ओहार के लिए 1600 रुपये लिए, लेकिन लाइफ जैकेट नहीं दी। पूजा के नाम पर चार सौ रुपये अतिरिक्त भी वसूले गए। इसी तरह करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के ताजपुर डेहमा निवासी राजू यादव ने बताया कि घंटों इंतजार के बाद नाव मिली और ओहार के लिए 1700 रुपये लिए गए, लेकिन लाइफ जैकेट उपलब्ध नहीं कराई गई। वहीं बक्सर के जगदीशपुर निवासी इंदल ने बताया कि नाविकों ने ओहार के लिए 2300 रुपये लिए, लेकिन किसी को भी लाइफ जैकेट नहीं दी गई। उन्होंने यह भी बताया कि एक नाव में क्षमता से अधिक 10 लोगों को बैठाया जा रहा था, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। घाट पर व्यवस्था की निगरानी के लिए केवल तीन महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।
उजियार घाट पर मुंडन संस्कार में उमड़े लोग
बक्सर के रामरेखा घाट से लेकर उजियार घाट तक दोनों ओर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। सुबह से ही महिलाएं बस, जीप, पिकअप, बोलेरो, स्कॉर्पियो, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर सवार होकर गाजे-बाजे के साथ मंगल गीत गाती हुईं उजियार घाट पहुंचने लगीं।
स्थिति यह रही कि डीजे बजाने वाले वाहनों सहित अन्य वाहनों को एनएच-31 पर रोक दिया गया, जिससे कई श्रद्धालुओं को महिलाओं सहित चिलचिलाती धूप में पैदल ही घाट तक पहुंचना पड़ा। ओहार (नाव से गंगा पार कराने की प्रक्रिया) के लिए नावों की कमी रही। दोपहर करीब 1 बजे तक मुंडन संस्कार और ओहार का सिलसिला चलता रहा। वहीं, गंगा तट पर पीने के पानी की व्यवस्था न होने से श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अव्यवस्थाओं और भीड़ के बीच श्रद्धालुओं ने किसी तरह मुंडन संस्कार सम्पन्न किया और बाद में मंगला भवानी मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन भी किया।
उजियार घाट स्थित गंगा तट पर मुंडन संस्कार के बाद खुशी में नाचती गाती महिलाएं।संवाद