बलिया। विभिन्न परियोजनाओं से बचत की धनराशि से शासन ने जनपद में चल रही चार बाढ़ और कटान राहत परियोजनाओं के लिए लगभग आठ करोड़ की धनराशि जारी की है। इससे इन परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है। धन की कमी से इसका कार्य प्रभावित चल रहा था।
सरयू नदी के दाएं तट पर मनियर क्षेत्र में कोटवां-सुल्तानपुर रिंग बंधा के किमी 0 से .700 तक बाढ़ सुरक्षा कार्य के लिए दिसंबर में 2020 में 5.65 करोड़ की परियोजना स्वीकृत की गई थी। विभाग के अनुसार अभी तक परियोजना पर चार करोड़ से ज्यादा की धनराशि खर्च हो चुकी है। शासन से 1.28 करोड़ और मांगे गए थे। इसमें 66 लाख की धनराशि और जारी की गई है। उक्त रिंग बंधा जगह-जगह आज भी खंडहर बना हुआ है। कोटवा निवासी लालमुनी देवी, धर्मजीत चौहान, सुल्तानपुर के टोलापुर निवासी रामायन राजभर ने बताया कि अधिकारी आए और अश्वासन दिया था की बाढ़ का पानी कम होने के बाद बंधे की मरमत का कार्य कराया जाएगा। अभी तक कोई कार्य शुरू नहीं किया गया है। सरयू नदी के दाएं तट पर निर्मित तुर्तीपार-श्रीनगर तटबंध के किमी 70.200 पर फार्क स्पर का निर्माण, किमी 70.200 पर निर्मित स्पर के डाउन स्ट्रीम से फार्क स्पर को नोज में रिवेटमेंट का कार्य और किमी 70.200 पर निर्माण स्पर के पुर्नस्थापना की 8.62 करोड़ की परियोजना को वर्ष 2020 में स्वीकृति दी गई थी। अब तक चार करोड़ की धनराशि उपलब्ध करहाई गई है। शासन से 4.14 करोड़ की धनराशि मांगी गई थी। इसे जारी कर दिया गया है।
रेवती संवाददाता के अनुसार सरयू नदी के दाएं तट पर तुर्तीपार-श्रीनगर तटबंध के 70.200 किलोमीटर पर फार्क स्पर का निर्माण का तीन फरवरी 2021 को शिलान्यास के बाद शुरू हुआ। उक्त किमी पर निर्मित स्पर के डाउन स्ट्रीम से फार्क स्पर के नोज के मध्य रीवेटमेंट का कार्य और 70.200 किमी पर निर्मित स्पर के पुनर्स्थापना के कार्य भी शुरू किया गया था। वहीं, टीएस बंधा के 69.300 किमी से 69.950 किमी के बीच रीवेटमेंट कार्य की परियोजना भी शुरू हुई। इस परियोजना की लागत 1169.18 रुपये थी। कथित रूप से दोनों ही परियोजनाएं कुछेक महीनों में बनकर तैयार हो गई थी। अलबत्ता 69.300 से 69.950 किमी के बीच किए जा रहे रिवेटमेंट कार्य की गुणवत्ता को लेकर तीलापुर के ग्रामीणों द्वारा कई बार निर्माण कार्य को रोका गया। बाद में विभाग के अधिकारियों के गुणवत्ता सुधारने के बाबत कार्य कर रहे लोगों को निर्देश तथा आश्वासन के बाद कार्य निर्बाध पूर्ण किया गया। अब इस परियजोना के लिए भी 2.92 करोड़ रुपये और दिए गए हैं। विभाग की ओर से कहीं भी अभी कार्य शुरू नहीं किया गया है। उधर, गंगा नदी के बाएं तट पर स्थित ग्राम समूह हैबतपुर व माल्देपुर के बाढ़ सुरक्षा कार्य की परियोजना 2.62 करोड़ से शुरू की गई थी। इसके लिए 28.50 लाख की धनराशि दी गई है।