छोटा शकील बनकर रंगदारी मांगने के मामले में दो अन्य आरोपियों को भी जिले की पुलिस टीम ने लखनऊ के पालीटेक्निक चौराहा स्थित पेट्रोल पंप के पास से गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी 13 नवंबर को ही हुई थी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक रंगदारी मांगने वाले राहुल रस्तोगी और मोनू रस्तोगी को पकड़कर यहां लाया जा चुका है। प्रकरण में लखनऊ निवासी उत्कर्ष रंजन सिंह और दीपक दीक्षित को पहले ही पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों को सिकंदरपुर थाने में रखा गया है।
बता दें कि 29 अक्तूबर को भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष ओंकार चंद सोनी से छोटा शकील बनकर उनकी मोबाइल पर फोन करके पांच लाख रुपये रंगदारी मांगी गई थी। अपराधियों ने रंगदारी न देने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी।
छोटा शकील के नाम से फोन आने के बाद भाजयुमो उपाध्यक्ष डरे-सहमे थे। प्रकरण में तत्काल पुलिस को तहरीर दी गई और जिला पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी। सर्विलांस के जरिए रंगदारी मांगने वालों का सुराग तलाशा गया। इसके बाद बीते तीन नवंबर को दो अपराधियों की गिरफ्तारी की गई थी।
सीओ सिकंदरपुर सुरेश चंद्र रावत ने मामले का खुलासा किया। इसमें लखनऊ निवासी उत्कर्ष रंजन सिंह तथा दीपक दीक्षित को गिरफ्तार कर चालान कर दिया गया है। उनके पास से दो मोबाइल सेट, पांच सीम भी बरामद किया गया था।
उस समय सीओ ने बताया था कि इनके अलावा लखनऊ के मोनू रस्तोगी और राहुल रस्तोगी के साथ ही आंध्र प्रदेश के दो व्यक्ति भी शामिल हैं। पुलिस का यह कहना था कि गैंग से जुड़े लोग छोटा शकील के नाम पर रंगदारी वसूली करते हैं और इससे जो धन एकत्रित होता है। उसमें आपस में बांट लेते हैं। इनका गिरोह लंबा है। पूरे देश में बड़े और छोटे व्यापारियों को अलग-अलग नंबरों से धमकी देते रहते हैं।
इस प्रकरण में फरार चल रहे मोनू रस्तोगी और राहुल रस्तोगी को भी बलिया पुलिस ने बीते 13 नवंबर को ही लखनऊ से उठाया है, लेकिन अभी तक जिला पुलिस ने इसका खुलासा नहीं कर रही है।
हालांकि गिरफ्तारी के संबंध में पुलिस कप्तान अनीस अहमद अंसारी ने केवल इतना कहा कि अगर जनपद पुलिस उसे गिरफ्तार की होगी, तो खुलासा भी जल्द होगा।