थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव समीप बोहा के ताल में शिकारियों द्वारा रविवार को सैकड़ों की संख्या में गौरैया के शिकार का मामला प्रकाश में आते ही जनपद के आलाधिकारी स्तब्ध रह गए। इस मामले में फारेस्टर श्रीकांत राय की तहरीर पर रविवार को अज्ञात शिकारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
गौरैयों को अंत्य परीक्षण के लिए भेजा गया है। सोमवार को उप प्रभागीय वन अधिकारी रविशंकर वाजपेयी ग्रामीण किसानों के साथ बोहा ताल में पहुंच घटना के बारे में जानकारी ली।
इस दौरान ग्रामीणों ने वनाधिकारी को एक मृत पक्षी दिखाकर रविवार की घटना की तस्दीक की।
उधर रविवार की देर रात तक पांच सदस्यीय डाक्टरों की टीम ने पक्षियों का अंत्य परीक्षण किया। इस दौरान मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. एके श्रीवास्तव के साथ ही डा. राकेश श्रीवास्तव, डा. मंत्रान यादव, डा. अजय सिंह और डा. कृपाशंकर यादव ने बताया कि पक्षी का पीएम किया गया है।
रिपोर्ट शीघ्र मिल जाएगी। सोमवार को घटना स्थल के निरीक्षण के बाद रविशंकर वाजपेयी ने बताया कि कीटनाशक दवा को जांच के लिए लखनऊ भेजा जाएगा। जिसे कि यह पता चल सके कि शिकारी आखिर किस दवा का प्रयोग कर पक्षी को अपना शिकार बना रहा है।
इस दौरान उन्होंने कहा कि शिकारियों पर नकेल कसने के लिए वन विभाग पूरी तरह से मुस्तैद है। बस जरूरत है गौरैया पक्षी को बचाने के लिए शिकारियों पर नजर रखते हुए विभाग को सूचित करे। कहा कि कोई भी व्यक्ति शिकारियों को पकड़ाने में सहयेाग कर रहा है।
गोपनीयता रखते हुए उसे पुरस्कृत भी किया जाएगा। उधर सोमवार की देरशाम प्रभारी निरीक्षक इंस्पेक्टर नंदलाल ने हमराहियों के साथ बोहा ताल में जाकर घटनास्थल से अवगत हुआ तथा शिकारियों के विषय में भी किसानों से गहन पूछताछ की।