रेवती में बुधवार की देर रात विसर्जन जुलूस रोककर धरने पर बैठी महिलाओं से बातचीत कर रहे डीएम और एसपी पर भीड़ ने रात पौने एक बजे के करीब पथराव कर दिया। इसके बाद पुलिस द्वारा किए गए लाठी चार्ज और भगदड़ में 15 महिलाएं और छह पुरुष जख्मी हो गए। रात 1.35 बजे के करीब प्रतिमाएं कोल नाला एवं दह रेवती में विसर्जित करा दी गईं।वहीं, रात दो बजे ताजिया को भी कर्बला में सुपुर्दे खाक कर दिया गया। गांव में तनावपूर्ण शांति है। कई थानों की फोर्स और पीएसी गांव में तैनात कर दी गई है।
बता दें कि बुधवार की देर रात रेवती के उत्तर टोला स्थित बुढवा मंदिर के पास प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान नशे में डांस कर रहे कुछ युवकों में किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इस बीच किसी ने गोली चला दी। जिसमें छर्रा लगने से तीन लोग जख्मी हो गए। घायलों में रेवती के वार्ड 4 निवासी भोला साहनी, दारोगा साहनी और वार्ड नंबर 15 निवासी अलगू साहनी शामिल थे। सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
उधर, घटना के बाद स्थानीय महिलाओं ने विसर्जन जुलूस को वहीं रोक दिया तथा आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गईं। रात 11.40 बजे के करीब जिलाधिकारी गोविंद राजू एनएस और पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी मौके पर पहुंचे तथा धरनारत महिलाओं से बातचीत शुरू की।
उनकी मांग पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कुछ आरोपियों को हिरासत में ले लिया तथा अन्य पर सुबह कार्रवाई का भरोसा दिलाया। बातचीत चल ही रही थी कि पौने एक बजे के करीब भीड़ में से पथराव शुरू हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, तो वहां भगदड़ मच गई।
इसमें 15 महिलाएं और छह पुरुष घायल हो गए जबकि पथराव में छह पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं। घायलों को उपचार के लिए सीएचसी में भर्ती कराया गया। घायलों में रम्भा, पचरतनी, श्याम सुंदरी, दौलतिया, तेतरी, सावित्री, विमली, भगमनी, बसमतिया, सविता, विभा, रीना, लीलावती, लाल जी साहनी, राज कुमार, उमेश साहनी, भीम साहनी आदि शामिल हैं। इस मामले में एक पक्ष ने थाने में पांच नामजद और छह अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है। देर शाम तक प्राथमिकी दर्ज नहीं थी।