बिजली कटौती से त्रस्त दुबहर के ग्रामीणों ने छात्र नेताओं की अगुवाई में शुक्रवार की सुबह सवरू बांध ढाले पर न सिर्फ राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया बल्कि रोडवेज की एक बस में तोड़फोड़ कर उसे आग के हवाले कर दिया। करीब तीन घंटे तक विरोध प्रदर्शन के बाद एसडीएम और एसडीओ के आश्वासन पर जाम समाप्त हुआ।
उधर, इस मामले में दुबहर थाने में राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने व राष्ट्रीय संपत्ति को क्षति पहुंचाने के आरोप में 14 लोगों के खिलाफ नामजद और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें से दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
क्षेत्र के कई गांवों में लोग महीनों से अंधाधुंध बिजली कटौती झेल रहे हैं। छात्र नेता आशुतोष कुमार पांडेय एवं राहुल मिश्र ने एक सप्ताह पूर्व जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर आपूर्ति दुरुस्त करने की मांग की थी। ज्ञापन में चेताया भी गया था कि यदि क्षेत्र में नियमित बिजली नहीं दी गई तो दुबहर के लोग 12 जून को चक्काजाम कर देंगे।
इसी क्रम में शुक्रवार की सुबह नौ बजे क्षेत्रीय लोगों के साथ छात्र नेता सवरू बांध ढाले के एनएच-31 पर जाकर बैठ गए। छात्र नेता दो शिफ्ट में 12 घंटे बिजली देने, जर्जर तारों को बदलने, दुबहर फीडर पर नियमित कर्मचारी नियुक्त करने, 10 एमबी का ट्रांसफार्मर लगाने आदि की मांग कर रहे थे।
चक्काजाम के दौरान ही रोडवेज की लोहिया ग्रामीण सेवा की बस आ गई। गुस्साए छात्र नेताओं ने पहले उसके शीशे तोड़ दिए। बाद में उसे आग के हवाले कर दिया। जाम के चलते यात्रियों को घंटों परेशान होना पड़ा। इस भीषण गर्मी में महिलाएं और बच्चे सामान लिए पैदल जाने को बाध्य हुए।
कई यात्रियों ने जाम समाप्त करने के लिए छात्रनेताओं से गुजारिश भी की, लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई। लगभग तीन घंटे बाद एसेडीएम बच्चा लाल मौर्य, बिजली विभाग के एसडीओ आशीष गुप्त और जेई रतन लाल मौर्य के आश्वासन पर जाम समाप्त हुआ। प्रदर्शनकारियों में अविनाश सिंह नंदन, अभिषेक पांडेय, विशाल पाठक, अनुपम उपाध्याय, रमेश गिरी, मनीष तिवारी, विश्वजया सिंह, अमन चौधरी, मुन्ना राय आदि शामिल रहे।