पंचायत चुनाव में बड़े पैमाने पर जाली नोट की खेप उतारी गई है। कोतवाली क्षेत्र के छितनहरा गांव में मंगलवार की शाम जिला पंचायत के एक प्रत्याशी की ओर से पांच-पांच सौ के जाली नोट बांटे जाने के बाद इस बात को बल मिला है।
रसड़ा नगर में ही कुछ दिन पहले एक युवक नकली नोटों के साथ पकड़ा गया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। बता दें कि उक्त गिरफ्तार युवक भी जिला पंचायत का चुनाव लड़ने वाला था। लेकिन एक केले वाले की सजगता ने उसे जेल पहुंचा दिया।
छितनहरा गांव में मंगलवार की शाम वोट मांगने आए एक प्रत्याशी ने लोगों को पांच-पांच सौ रुपये के नोट बांटे। रुपये बांटने के बाद अपने पक्ष में मतदान करने की अपील की और चला गया। जब गांव के कुछ लोग बाजार गए और बांटे गए रुपयों से सामान खरीदने लगे तो दूकानदारों ने नकली बताना शुरू कर दिया।
साथ ही दूकानदारों ने कड़ी चेतावनी के साथ वापस कर दिया। नकली नोट की खबर सामने आने के बाद लोग प्रत्याशी का नाम भी बताने से कतरा रहे हैं। घटना के बाद इस बात को बल मिलने लगा है कि पंचायत चुनाव में बड़े पैमाने पर नकली नोट की खेप उतारी गई है।
अभी दस दिन पहले भी रसड़ा बाजार से ही परसिया निवासी प्रमोद कुमार को पांच-पांच सौ के सात नोट के साथ पुलिस ने पकड़ा था। प्रमोद भी एक केले वाले की सजगता से पकड़ा गया। क्योंकि प्रमोद ने कुछ दिन पहले भी उसी केले वाले को जाली नोट दिया था।
तब से केला वाला उस पर नजर बनाए था। उधर छितनहरा गांव की घटना के बारे में कोतवाल प्रमोद कुमार मिश्रा अनभिज्ञता जाहिर कर रहे हैं। बोले कि उनके पास कोई शिकायत नहीं आई।
मामले में एसपी अनीस अहमद अंसारी का कहना है कि छितनहरा गांव में जाली नोट मिलने की जांच कराई जाएगी। मामला सही मिला तो जाली नोट के कारोबार से जुड़े लोगों के विरुद्घ सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही संबंधित उम्मीदवार पर भी मुकदमा दर्ज किया जाएगा।