टेंडर प्रक्रिया को लेकर उपजे विवाद में मनबढ़ों ने शुक्रवार को नगर पालिका परिषद कार्यालय में घुसकर न सिर्फ तोड़फोड़ की बल्कि अध्यक्ष साधना गुप्ता के प्रतिनिधि लक्ष्मण गुप्ता की जमकर पिटाई भी कर दी। बाद में अध्यक्ष प्रतिनिधि सभासदों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय में धरने पर बैठ गए।
उन्होंने कबीना मंत्री नारद राय और उनके बेटे के खिलाफ कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। उन्होंने दोनों पर नगर पालिका के टेंडर में मनमानी कराने, हमला कराने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई थी। उधर, देर शाम अध्यक्ष प्रतिनिधि ने सभासदों के साथ काबीना मंत्री के खिलाफ जुलूस भी निकाला।
नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष प्रतिनिधि और सपा नेता लक्ष्मण गुप्ता पर शुक्रवार की दोपहर उस समय हमला बोल दिया गया जब वह कार्यालय में अपने समर्थकों के साथ बैठे थे। उन्होंने एक कमरे में खुद को बंद कर अपनी जान बचाई। यही नहीं, मनबढ़ों ने कार्यालय में तोड़फोड़ भी की।
बकौल लक्ष्मण गुप्ता, नगर पालिका परिषद में टेंडर निकला था। इसके लिए गुरुवार को फार्म वितरित हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि खादी ग्रामोद्योग मंत्री नारद राय के बेटे नरेंद्र राय ने पुलिस के सहयोग से सभी फार्म अपने समर्थकों को खरीदवा दिए। मैंने पूरे प्रकरण की जानकारी जिला प्रशासन के उच्चाधिकारियों को दी। अधिकारियों के कहने पर ही टेंडर निरस्त करने की घोषणा कर दी।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार की दोपहर वह अपने समर्थकों के साथ नगर पालिका परिषद के कार्यालय में बैठे थे तभी अचानक खादी ग्रामोद्योग मंत्री नारद राय के बेटे के भेजे गए मनबढ़ों ने हमला कर दिया। अध्यक्ष प्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि उन्हें जान से मारने की धमकी तक दी गई।
हमले के बाद उन्होंने घटना की सूचना कप्तान राजू बाबू सिंह को दी। कुछ ही देर में पुलिस उपाधीक्षक नगर सुरेश चंद्र रावत, शहर कोतवाल संदीप कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट बच्चा लाल मौर्य पहुंच गए। उधर, नगर पालिका परिषद कार्यालय में उपद्रवियों और प्रशासनिक अफसरों के बीच भी जमकर झड़प हुई।
एक उपद्रवी ने सिटी मजिस्ट्रेट के साथ भी दुर्व्यवहार किया। बाद में क्षेत्राधिकारी नगर के कड़ा रुख अपनाने पर मामला शांत हुआ। घटना के बाद अपर पुलिस अधीक्षक केसी गोस्वामी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने प्रशासनिक अफसरों की देखरेख में टेंडर बाक्स को सील करा दिया।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी संतोष कुमार मिश्र ने टेंडर प्रक्रिया को सही करार दिया और बताया कि उन्हें टेंडर निरस्त होने की जानकारी नहीं थी, जबकि अपर जिलाधिकारी केपी सिंह का कहना था कि जिला प्रशासन ने टेंडर निरस्त करने का कोई आदेश ही नहीं दिया था। समाचार लिखे जाने तक अध्यक्ष के प्रतिनिधि का समर्थकों संग धरना जारी रहा।
मामले में कबीना मंत्री नारद राय ने कहा कि चार बार टेंडर निरस्त किए गए, लेकिन मैंने कभी कुछ नहीं कहा। टेंडर प्रक्रिया में मेरा कोई हस्तक्षेप नहीं है। टेंडर कब होगा? कैसे होगा? इसे कभी मैंने जानने की कोशिश नहीं की। नगर पालिका कार्यालय में सपा कार्यकर्ता लक्ष्मण गुप्ता के साथ जो कुछ भी हुआ, इसके लिए मैं व्यथित और हृदय से दुखी हूं। जहां तक रही मेरे और मेरे बेटे के खिलाफ तहरीर देने की बात तो यह हमारे खिलाफ साजिश है।