नफरेपुर में मृतक के दरवाजे पर जुटी भीड़।
चितबड़ागांव थाना क्षेत्र के करना नफरेपुर गांव निवासी अशोक सिंह की हत्या के बाद गांव में तनाव व्याप्त हो गया। एहतियात के तौर पर कई थानों की फोर्स और पीएसी मौके पर पहुंच गई। इस मामले में मृतक के घरवाले बुधवार को दरवाजे पर शव रखकर डीएम व एसपी को बुलाने तथा आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। इसकी सूचना मिलने पर अपर पुलिस अधीक्षक रामयज्ञ मौके पर पहुंचे तथा समझाने का प्रयास किए।
दोपहर बाद मृतक के पुत्र शशिकांत सिंह की तहरीर पर दस नामजद लोगों के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। इस मामले में चितबड़ागांव एसओ संजय कुमार त्रिपाठी को लाइन हाजिर कर दिया गया है। ग्रामीणों की मानें तो एक सितंबर को गांव के ही रामनाथ यादव व मेवा यादव की मवेशी अशोक सिंह के खेत में चली गई थी, जिसको लेकर रामनाथ यादव और अशोक सिंह के बीच कहासुनी हुई थी।
अगले दिन दो सितंबर को अशोक सिंह ने चितबड़ागांव में तहरीर दिया था, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। जिसका नतीजा रहा कि मंगलवार की देरशाम फेफना थाना क्षेत्र के गौरा मोड़ के पास उनकी हत्या कर दी गई। मृतक के भाई मनोज कुमार सिंह का आरोप है कि अगर चितबड़ागांव एसओ मामले को गंभीरता से लिए होते तो यह घटना घटित नहीं हुई होती।
उन्होंने मांग किया कि आरोपियों की गिरफ्तारी की जाय और एसओ चितबड़ागांव को निलंबित किया जाय। गांव में तनाव को देखते हुए एएसपी रामयज्ञ यादव, सीओ सदर बाबू लाल यादव, सीओ सिटी केसी सिंह समेत कई थानों की फोर्स एवं पीएसी के जवान डटे रहे। इस दौरान पुलिस ने आरोपियों के दरवाजे पर खड़ी दो बोलेरो, दो बाइक एवं एक ट्रैक्टर को अपने कब्जे में ले लिया है। वहीं आरोपी घर से फरार हैं।