जिला अस्पताल में एंटी वेनम के अभाव में हुई गड़वार के थुम्भा उत्तरपुर निवासी किसान सुदामा वर्मा की मौत के मामले में पिता पारस की तहरीर पर पुलिस ने सीएमओ, दो डाक्टरों और फार्मासिस्ट पर मुकदमा दर्ज किया है।
आरोपियों पर गैर इरादतन हत्या, धोखाधड़ी, कूट रचना, साजिश करने की धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अस्पताल में हड़कंप मचा है। चिकित्सक भी आंदोलन की रणनीति बनाने में जुटे हैं।
सुदामा वर्मा को रविवार की देर रात सोते समय सांप ने डंस लिया था। घर वाले उन्हें जिला अस्पताल ले गए। वहां पता चला कि एंटी वेनम ही नहीं है। ऐसे में डाक्टरों ने उन्हें मऊ स्थित फातिमा अस्पताल रेफर कर दिया।
परेशान लोगों ने यह जानकारी विधायक उपेंद्र तिवारी को दी। रात में ही विधायक प्रभारी सीएमएस डा. आरएन उपाध्याय और वरिष्ठ फीजिशियन डा. एसपी राय को लेकर इमरजेंसी पहुंचे। उन्होंने सीएमओ डा. पीके सिंह को भी फोन किया, लेकिन फोन नहीं उठा।
उन्होंने घटना की जानकारी डीएम और सीडीओ को भी दी। इसी बीच प्रभारी सीएमएस ने मेडिकल स्टोर से एंटी वेनम दवा मंगवाई, लेकिन इससे पहले ही भोर में करीब चार बजे सुदामा की मौत हो गई।
सुबह मुद्दा गरमा गया। विधायक उपेंद्र तिवारी ने सीएमओ दफ्तर का घेराव कर दिया। कैबिनेट मंत्री अंबिका चौधरी भी पहुंच गए। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदारों पर मुकदमा दर्ज कराने को कहा।
बाद में अपर निदेशक ने जांच में पाया कि एंटी वेनम के न रहने से ही किसान की मौत हुई है। उन्होंने भी दोषियों पर कार्रवाई का आदेश दिया। आखिरकार पुलिस ने सीएमओ डा. पीके सिंह, डा. रामानंद सिद्धार्थ, डा. बीके गुप्ता और फार्मासिस्ट सर्वेश श्रीवास्तव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
कैबिनेट मंत्री अंबिका चौधरी का कहना है कि जिला अस्पताल में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी लापरवाही करते मिला, उसपर कार्रवाई तय है। उधर, विधायक उपेंद्र तिवारी का कहना है कि जिला अस्पताल शोषण का अड्डा बन गया है। अगर वहां की व्यवस्था शीघ्र नहीं बदली तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।